आइये जानते हैं घोड़े खड़े खड़े क्यों सोते हैं? शायद आप भी घुड़सवारी के शौकीन होंगे या आपने भी कभी घोड़े की सवारी का रोमांच लिया होगा और घोड़े के बारे में ये तो आप भी जानते हैं कि घोड़ा एक ऐसा जानवर है जो इंसान से दोस्ती और वफ़ादारी बहुत अच्छे से निभाता है।

इसके बहुत से उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं और आज भी घोड़े की दोस्ती की कई मिसालें ना केवल फिल्मों में देखने को मिलती है बल्कि असल जिंदगी में भी देखी जाती है।

ऐसे में क्यों ना जागरूक पर आज घोड़े से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारी ली जाये। तो चलिए, आज आपको बताते हैं घोड़े खड़े खड़े क्यों सोते हैं और घोड़े से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।

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घोड़े खड़े खड़े क्यों सोते हैं?

इस फुर्तीले और जोश से भरे जानवर की लगभग 300 से भी ज्यादा नस्लें होती हैं और माना जाता है कि आज से लगभग 6000 साल पहले इंसान ने घोड़ों को पालना शुरू किया था।

इंसानों की ही तरह, घोड़े भी अपना मूड बताने के लिए अलग-अलग तरह के चेहरे बनाते हैं लेकिन इंसानों की तरह घोड़े बहुत देर तक सोते नहीं हैं बल्कि अक्सर खड़े ही रहते हैं।

असल में घोड़े को नींद बहुत ही कम आती है और उसकी नींद झपकियों में ही पूरी हो जाती है और उसे दिन में कई बार गहरी नींद के झोंके भी आते हैं लेकिन इस तरह नींद पूरी करते समय भी घोड़े खड़े ही रहते हैं।

खड़े-खड़े ही सोने वाले घोड़े ना तो थकते हैं और ना ही नींद में गिरते हैं। इसका कारण उनके पैरों की खास बनावट होती है।

अगर घोड़ा लम्बे समय के लिए बैठे या लेटे तो बैठने की स्थिति में घोड़े के शरीर का पूरा वजन उसकी गर्दन और पेट के बीच के हिस्से पर पड़ने लगता है जिससे घोड़े के श्वसन तंत्र पर दबाव पड़ता है।

ऐसे में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है इसलिए घोड़ा थोड़ी सी देर में ही खड़ा हो जाता है। अगर कभी घोड़ा लम्बे समय तक लेटा रहे तो उसकी मौत भी हो सकती है।

थकान से बचने के लिए घोड़े खड़े रहते समय, चार में से कोई एक पैर थोड़ा ऊपर उठाकर रखते हैं और बारी-बारी से अपने एक पैर को ऊपर रखकर थकान मिटा लेते हैं।

पूरे दिन में केवल 4 घंटे की नींद को झपकियों में लेने वाले घोड़े सोते समय गिरते नहीं हैं क्योंकि इनकी हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले लिगामेंट्स उनके जोड़ों को मनचाहे समय तक फिक्स कर देते हैं और ये लॉक सिस्टम उन्हें गिरने से बचाता है। ऐसा होने पर घोड़े आराम से खड़े-खड़े सो लेते हैं और उन्हें गिरने का डर भी नहीं रहता।

इसके अलावा खड़े होकर सोने का एक और कारण ये है कि पहले जंगलों में रहते हुए घोड़े जब बैठे या लेते रहते थे तब बाघ और भेड़िये जैसे जानवरों के हमले से खुद का बचाव करने के लिए तुरंत खड़े नहीं हो पाते थे इसलिए उन्होंने खड़े रहकर सतर्कता के साथ सोने का विकल्प चुना।

उम्मीद है कि इंसान के बहुत अच्छे दोस्त घोड़े से जुड़ी ये दिलचस्प जानकारी आपको रोचक लगी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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