आइये जानते हैं गिरगिट रंग कैसे बदलता है। रंगों को पसंद तो आप भी करते होंगे लेकिन बहुत से रंगों में अपने आप को ढाल लेने का गुर केवल गिरगिट के पास ही होता है जो अपने आसपास के माहौल के हिसाब से अपना रंग बदल लेता है।

ऐसे में ये जानना रोचक होगा कि गिरगिट रंग कैसे और क्यों बदलता है। तो चलिए, आज बात करते हैं गिरगिट के रंग बदलने की स्किल के बारे में।

हर जानवर को अपनी सुरक्षा करने के लिए कोई ना कोई युक्ति जरूर आती है और ऐसी ही एक सुरक्षा युक्ति गिरगिट के पास होती है जो है रंग बदलना।

गिरगिट को अपना रंग इसलिए बदलना पड़ता है ताकि वो शिकारियों की नजर से खुद को बचा सके और उसका शिकार ना हो पाए।

इसके अलावा गिरगिट के रंग बदलने के और भी कई कारण होते हैं जैसे- बाहर के तापमान के अनुसार अपने शरीर का तापमान एडजस्ट करने के लिए ठण्ड में रहने वाला गिरगिट ज्यादा गर्मी लेने के लिए अपना रंग गहरा कर लेता है जबकि गर्मी में रहने वाला गिरगिट ठंडक के लिए अपना रंग हल्का कर लेता है।

गिरगिट का बदलता हुआ रंग उसके मूड के बारे में भी बताता है यानी अगर गिरगिट गुस्से में है तो उसका बॉडी कलर गहरा होता है और अगर वो शांत है तो बॉडी कलर हलके रंग का हो जाता है।

गिरगिट रंग कैसे बदलता है?

गिरगिट में विशेष प्रकार की सेल्स क्रोमैटोफोर्स (क्रोमो-रंग) पायी जाती हैं जो मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित होती हैं। जब ख़तरा होने का संकेत मस्तिष्क तक जाता है तो गिरगिट का दिमाग इन सेल्स को संकेत भेजता है जिसके अनुसार ये सेल्स फैलने सिकुड़ने लगती है और अपना आकार बदलकर छोटी बड़ी भी हो जाती है। ऐसा करने से गिरगिट का रंग बदलने लगता है।

माना जाता है कि पेड़ पर चढ़ने वाले गिरगिट ही ज्यादा रंग बदलते हैं और तुरंत पेड़ पौधों जैसा रंग बना लेते हैं।

उम्मीद है जागरूक पर गिरगिट रंग कैसे बदलता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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