गोल घूमने के बाद सर क्यों चकराने लगता है?

आइये जानते हैं गोल घूमने के बाद सर क्यों चकराने लगता है। खेलना कूदना और शरारत करना सभी को अच्छा लगता है और ऐसी ही शरारतों में से एक है गोल गोल घूमना, जो बच्चे अक्सर करते हैं और कभी कभी बड़े भी इसे आजमा ही लेते हैं लेकिन गोल घूमने में जितना मजा आता है उतनी ही परेशानी घूमना बंद करने पर होती है क्योंकि गोल घूमने के बाद, रुकने पर हमारा सिर चकराने लगता है और संतुलन बना पाना मुश्किल लगने लगता है।

ऐसे में आपको भी ये जरुर जानना चाहिए कि आखिर गोल गोल घूमने और रुकने पर सिर चकराने के बीच क्या सम्बन्ध है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं गोल घूमने के बाद सिर चकराने का कारण।

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गोल घूमने के बाद सर क्यों चकराने लगता है?

आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन सिर घूमने का सम्बन्ध हमारे कान से होता है इसलिए पहले कान के बारे में थोड़ी बात करते हैं।

हमारे कान सिर्फ सुनने का काम ही नहीं करते हैं बल्कि शरीर को संतुलित करना भी इनका महत्वपूर्ण काम होता है।

हमारे कान का बाहरी हिस्सा आवाज को कान के आतंरिक अंगों तक पहुँचाता है और आंतरिक हिस्सा आवाज को विद्युत सिग्नल में बदलकर दिमाग तक भेजता है।

आतंरिक कान की संरचना टेढ़ी मेढ़ी होती है जिसमें अनियमित आकार की नलिकाएं होती हैं। इन नलिकाओं में लिक्विड भरा रहता है। ये द्रव हमारे शरीर का संतुलन बनाये रखने में अहम भूमिका निभाता है।

आइये, अब जानते हैं गोल घूमने पर सिर चकराने और कान के बीच के सम्बन्ध को- जब हम गोल गोल घूमते हैं तो हमारे कानों में मौजूद द्रव भी घूमने लगता है और ये द्रव ही हमारे दिमाग को नियंत्रित करता है।

गोल घूमने के बाद अचानक जब हम रुक जाते हैं तब ये द्रव कुछ देर तक घूमता रहता है जिसके कारण हमारा सिर चकराने लगता है और जब थोड़ी देर बाद ये द्रव घूमना बंद हो जाता है तब हम सामान्य स्थिति में आ जाते हैं।

उम्मीद है जागरूक पर गोल घूमने के बाद सर क्यों चकराने लगता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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