हम क्या है और हमारा शरीर क्या है ?

354

यह सवाल हर किसी के मन में उठता है कि आखिर हम क्या है? इस सवाल की व्याख्या हर कोई अपने हिसाब से करता है। अगर आप किसी धार्मिक या फिलोसोफी से जुड़े लोगों से इस सवाल का उत्तर जानना चाहेंगे तो वे आपको जीवन, आत्मा और परमात्मा के विश्लेषण के बारे में बताने लगेंगे। अपनी जगह वो भी सही हैं लेकिन अगर आप यही सवाल किसी बायोलॉजी के प्रोफेसर या किसी साइंटिस्ट से पूछेंगे तो वो बतायेंगे कि हम सब कोशिकाओं से बनी हुई एक जीवित चीज हैं जिसके अंदर तमाम अंग अलग अलग कामों के लिए फिट किये गये हैं। इसे माइक्रोबायोम का नाम दिया गया है और इसमें बताया गया है कि हमारे शरीर में लगभग 22 मिलियन जींस हैं और उन सबके अपने डीएनए हैं जो न सिर्फ कोशिकाओं को नियंत्रित करते हैं बल्कि हमारे शरीर की पूरी अंदुरुनी कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करते हैं।

वैज्ञानिकों को यह बहुत जल्दी पता चल गया है हमारे शरीर में होने वाले कोई भी बदलाव या विकास माइक्रोबायोम पर काफी हद तक निर्भर है। मोटापा, एलर्जी, मुहांसे और डिप्रेशन जैसी अनेक बीमारियां इसी माइक्रोबायोम में हुए परिवर्तन के कारण ही होती हैं। आने वाले समय में डॉक्टर आपके माइक्रोबायोम का ही चेकअप किया करेंगे और उसी हिसाब से इलाज करेंगे।

रिसर्च में यह भी सामने आया है कि आने वाले कुछ सालों में पूप ट्रांसप्लांट भी किया जा सकेगा जिसमें किसी हेल्दी आदमी के पेट में मौजूद मल में उपस्थित अच्छे बैक्टीरिया को किसी बीमार व्यक्ति के पेट में ट्रांसफर किया जा सकेगा जिससे वो तुरंत ठीक हो जाए। आपको यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन आने वाले सालों में यह पूरी तरह संभव होगा और यह एंटीबायोटिक से भी ज्यादा असरदार होगा।

आपको बता दें कि हमारे शरीर में 100 ट्रिलियन माइक्रोआर्गेनिज्म हैं जो आँख, नाक, कान जैसे बाकी अंगों की ही तरह काम करते हैं। जबकि एक आम इंसान सिर्फ अपने शरीर के सिर्फ 10% अंगों को ही जानता है।

आपके शरीर में मौजूद 22 मिलियन जींस ही आपकी भूख, नींद और इम्युनिटी जैसी प्रमुख चीजों को कंट्रोल करते हैं। जैसे अगर आप कभी परेशान या स्ट्रेस में होते हैं तो ये ही जींस मिलकर ऐसे हारमोन का स्त्राव करते हैं जो आपके स्ट्रेस को कम कर सके।

इसलिए आगे आपके मन में कभी भी ये सवाल उठे कि आखिर हम क्या हैं कौन हैं तो जान लें कि आप अरबों कोशिकाओं का एक समूह हैं जिसमें लाखों माइक्रो अंग काम कर रहे हैं और वे दिन रात आपको बचाए रखने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं। आप क्या खाते हैं कैसे रहते हैं कैसे सोते हैं और क्या फील करते हैं ये सब आपके माइक्रोबायोम द्वारा ही निर्धारित होता है। भविष्य में माइक्रोबायोम से जुड़ी और रिसर्च से कई चौकाने वाले तथ्य सामने आने की गुंजाइश है।

“अगर आप पानी पीना बंद कर देंगे तो शरीर के साथ क्या होगा”
“मानव शरीर से जुडी रोचक जानकारियां”
“हमारे शरीर में भी होती है जादुई शक्तियां जिनसे आप हैं अनजान”

Add a comment