पसीना क्यों आता है हमें?

सितम्बर 28, 2017

शरीर का तापमान सामान्य रखने के लिए हमें पसीना आना जरूरी है। पसीने के जरिए हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे हम स्वस्थ रहते हैं। हमारे शरीर का तापमान 98.6 डिग्री फारेनहाइट होता है अगर तापमान इससे ज्यादा हो जाता है तो हमें बुखार आ जाता है। हमारे शरीर में पच्चीस लाख पसीने की ग्रंथियां पायी जाती हैं जो शरीर के लिए कूलिंग सिस्टम का काम करती है। जब शरीर का ताप अधिक हो जाता है तो इन्हीं ग्रंथियों से हमारे शरीर से पसीना निकलता है। लेकिन हम सभी को अलग-अलग कारणों से और अलग-अलग मात्रा में पसीना आता है। कुछ लोग थोड़ी दूर चलने पर ही पसीने से भीग जाते हैं तो कुछ लोग साइकिल चलाते हुए काफी दूर निकल जाते हैं तब भी उन्हें पसीना नहीं होता है। आइए जाने कि पसीना क्यों आता है हमें।

गर्मी और उमस – पसीना शरीर के एयर कंडीशनिंग का काम करता है। जब शरीर का तापमान बढ़ जाता है तो शरीर की लाखों छोटी पसीने की ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं और रोम छिद्रों से पसीना अपने आप निकलने लगता है। जब पसीना सूखता है तो हमें ठंडक महसूस होती है। लेकिन जब ह्यूमिडिटी ज्यादा होती है तो हवा में नमी बढ़ जाती है जिससे शरीर से पसीना पूरी तरह से नहीं सूखता और हम भीगे रहते हैं।

वर्कआउट – एक्सरसाइज करने से शरीर के अंदर का तापमान बढ़ जाता है। जैसे ही हम अपने हाथ और पैरों से कसरत करना शुरू करते हैं वैसे ही शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। इससे हमें पसीना निकलता है और शरीर का ताप कम होने लगता है।

इमोशन – जब भी हमें गुस्सा, तनाव या प्यार आता है तो अपने आप पसीना निकलने लगता है। इमोशन आने पर हमारे हथेली और पैरों के तलवे में पसीने की ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं। यही कारण है कि जब आप किसी की ओर आकर्षित होते हैं या नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो आपके हथेलियों में पसीना होने लगता है।

गर्म और मसालेदार भोजन – गर्म और मसालेदार खाना खाने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है जिससे माथे और नाक के नीचे पसीना होने लगता है। जब आप बीयर पीते हैं तो यह स्किन के ब्लड वेसल्स को बढ़ा देता है जिससे पसीना निकलता है। इसके अलावा सुबह कॉफी पीने से भी पसीना निकलता है क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन पसीने की ग्रंथियों को उत्तेजित कर देता है।

बीमार होने पर – बुखार हमारे शरीर के इन्फेक्शन से लड़ता है। जब शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है तो पसीना आने के बाद हमें ठंडक महसूस होती है। जब बुखार ठीक हो जाता है तो शरीर के अंदर का तापमान अपने आप कम हो जाता है।

निकोटीन – सिगरेट पीने से भी पसीना आता है। जब हम धूम्रपान करते हैं तो जो निकोटिन सांसों के जरिए शरीर में जाता है और इससे एसिटिलकोलिन नाम का केमिकल रिलीज होता है जो कि पसीने की ग्रंथियों को उत्तेजित करता है और हमें पसीना आने लगता है।

प्रेगनेंसी और मेनोपॉज – महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोन्स में परिवर्तन के कारण खून का प्रवाह बढ़ जाता है। जिससे उनके शरीर का तापमान भी अधिक हो जाता है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन में कमी हो जाती है जिससे शरीर के अंदर का तापमान बढ़ जाता है और पसीना आता है।

दवा खाने पर – कुछ दवाइयां जैसे आईब्रूफेन खाने से शरीर का तापमान कम हो जाता है और हमारा बुखार उतर जाता है। लेकिन डिप्रेशन, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की दवा खाने पर हमें ज्यादा पसीना निकलता है।

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