हार्मोन कितने प्रकार के होते हैं?

हार्मोन का निर्माण अंतःस्रावी ग्रंथियों से होता है। ये ग्रंथियां नलिकाविहीन होती हैं और इनसे निकलने वाला हार्मोन सीधे रक्त में जाकर मिलता है। शरीर में बनने वाले ये हार्मोन ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं जो जीवों की गतिविधियों में संतुलन बनाते हैं और विकास में सहायक होते हैं। ऐसे में आज जानते हैं हार्मोन कितने प्रकार के होते हैं और कुछ महत्वपूर्ण हार्मोनों के बारे में।

थायरॉइड हार्मोन – थायराइड ग्रंथि से टाई आयोडोथायोनिन या टी 3 और थायरोक्सिन या टी 4 हार्मोन निकलता है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में मदद करता है।

इन्सुलिन हार्मोन – ये हार्मोन अग्न्याशय ग्रंथि से निकलता है। ये रक्त ग्लूकोज के स्तर को कम करता है। अग्न्याशय ग्रंथि आमाशय के पीछे पेट में पायी जाती है जो खाने को आसानी से पचाने के लिए हार्मोन और एंजाइम स्रावित करती है।

एस्ट्रोजन हार्मोन – महिलाओं में पाया जाने वाला ये सेक्स हार्मोन अंडाशय में निर्मित होता है। प्रेगनेंसी, पीरियड्स और मेनोपॉज के लिए ये हार्मोन जिम्मेदार होता है।

प्रोजेस्टेरोन हार्मोन – प्रेग्नेंट महिला में प्रेगनेंसी बनाए रखने में इस हार्मोन का विशेष महत्त्व है। शरीर को गर्भाधान, गर्भधारण के लिए तैयार करना और पीरियड्स को नियंत्रित करना इस हार्मोन के कार्य है।

प्रोलैक्टिन हार्मोन – शिशु जन्म के बाद स्तनपान कराने के लिए ये हार्मोन उत्तरदायी होता है। प्रेगनेंसी में प्रोलैक्टिन हार्मोन के स्तर में बढ़ोतरी होती है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन – ये पुरुषों में पाया जाने वाला सेक्स हार्मोन है जो एक एनाबोलिक स्टेरॉयड होता है जो शरीर की मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है। ये हार्मोन पुरुषों में शुक्राणु और यौन अंग विकसित करने में सहायक होता है।

सेरोटोनिन हार्मोन – ये हार्मोन मनोदशा को नियंत्रित करने वाला हार्मोन होता है जो मूड को कण्ट्रोल करता है, सीखने की क्षमता और स्मृति से जुड़ा होता है और नींद और पाचन को विनियमित करता है।

कोर्टिसोल हार्मोन – ये हार्मोन एड्रिनल ग्रंथि से निकलता है और इसका मुख्य कार्य शारीरिक और मानसिक तनाव को नियंत्रित करना होता है। तनाव की स्थिति से सामना करने में ये हार्मोन सहायक होता है।

एड्रेनालाईन हार्मोन – ये हार्मोन शरीर के कई ऊतकों पर कार्य करता है। ब्लड प्रेशर को नियमित करना, गेस्ट्रो इंटेस्टाइनल क्रिया और सांस लेने वाली नलियों को खोलने सहित कई महत्वपूर्ण कार्य करता है।

ग्रोथ हार्मोन – इसे सोमेटोट्रोपीन हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। ये हार्मोन विकास, कोशिका प्रजनन और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है।

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