हार्मोन्स क्या होते हैं और कैसे रखें हार्मोन संतुलित?

स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बेहद जरूरी है क्योंकि हमारी भूख, नींद, स्वाद और मूड आदि सभी का बिगड़ना या सही रहना हमारे हार्मोन्स के संतुलन पर ही निर्भर होता है। तो अगर आप हमेशा स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको ये जरूर जान लेना चाहिए की हार्मोन्स क्या होते हैं और हार्मोन संतुलित कैसे रखा जाये।

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हार्मोन्स क्या होते हैं – हार्मोन्स शरीर के केमिकल मेसेंजर होते हैं। ये शरीर मे ग्रन्थियों और कोशिकाओं से स्रावित होते हैं। ये हमारे शरीर सभी अंगों तक रक्त के जरिये पहुँचते हैं और उन्हें प्रभावित करते हैं। इनको रासायनिक दूत भी कहा जाता है। इनकी कम मात्रा भी बहुत प्रभावशाली होती है। ये अपना कार्य करने के बाद नष्ट हो जाते हैं और उत्सर्जन के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाते हैं। अगर हार्मोन्स संतुलित हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव होता है लेकिन अगर ये असंतुलित हैं तो इनका बुरा प्रभाव पड़ता है। हार्मोन्स हमारे शरीर के विकास और निर्माण के अलावा मेटाबॉलिज़्म, सेक्स लाइफ, रिप्रोडक्शन, मूड, नींद आदि को प्रभावित करते हैं। जन्तुओं और पौधों दोनो के अपने अपने हार्मोन्स होते हैं। पौधों में पाए जाने वाले हार्मोन को पादप हार्मोन कहा जाता हैं।

हार्मोन्स के असंतुलन के मुख्य लक्षण-

वज़न बढ़ना – अगर आपका वजन बढ़ने लगा है तो आपको सावधान होने की जरुरत है क्योंकि वजन बढ़ना हार्मोन्स के असंतुलन की तरफ इशारा करता है।

पेट की चर्बी का बढ़ना – अगर आपके पेट की चर्बी बढ़ने लगी है तो हो सकता है ये आपके शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन के कारण हो रहा हो।

सेक्स की इच्छा में कमी – अगर आपकी सेक्स लाइफ बेहतर नहीं है तो इसे हल्के में ना लें क्योंकि अपर्याप्त नींद के कारण सेक्स हार्मोंस का निर्माण ठीक से नहीं होता और ऐसे में आपकी सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

थकान – अगर आपको अक्सर थकान महसूस होती है तो इसके पीछे का कारण हार्मोन्स का असंतुलन हो सकता है इसके लिए आपको हेल्दी आहार लेने की जरुरत है।

तनाव – अगर आपके मूड में बदलाव आने लगा है जैसे चिंता, चिड़चिड़ापन और अवसाद तो ये आपके शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन की निशानी है।

अनिद्रा – अगर आपको अनिंद्रा जैसी समस्या होने लगी है तो इसका मतलब है की आपके शरीर में हार्मोन्स का संतुलन ठीक नहीं है।

ज्यादा पसीना आना – अगर आपको सामान्य से ज्यादा पसीना आता है तो इसका मतलब है की आपके शरीर में हार्मोन्स का संतुलन ठीक नहीं है।

पाचन संबंधी समस्या – अगर आपकी पाचन प्रक्रिया सही नहीं है और आपको गैस, बदहज़मी या कब्ज़ जैसी समस्या होने लगी है तो समझ लीजिये आपके शरीर में हार्मोन्स का बदलाव हो रहा है और ये हार्मोन्स के असंतुलन की और इशारा करता है।

कैसे बनाये रखें हार्मोन्स का संतुलन-

  • जितना हो सके उतना कैफीन का सेवन कम करें जैसे की चाय कॉफ़ी आदि सीमित मात्रा में ही पियें।
  • अगर आप हार्मोन्स संतुलित रखना चाहते हैं तो अपने आहार में नारियल के तेल को शामिल करें इससे आपका वजन भी नियंत्रित रहेगा।
  • शरीर में हार्मोन संतुलित बनाये रखने के लिए योग, प्राणायाम या हल्का व्यायाम जैसे वॉकिंग आदि नियमित रूप से करें।
  • हेल्दी आहार लें, अपने आहार में गाजर, ब्रोकोली, पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियां शामिल करें इनसे हार्मोन संतुलित रहते हैं।
  • ग्रीन टी में थियानाइन नामक नेचुरल कंपाउंड पाया जाता है जो हार्मोन्स के संतुलन में बेहद सहायक होता है, साथ ही ग्रीन टी पीने से मोटापा भी नहीं बढ़ता।
  • हार्मोन्स के संतुलन के लिए ड्रायफ्रूट्स का सेवन जरूर करें, नियमित रूप से सुबह बादाम और अखरोट जरूर खाएं।
  • दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पियें इससे हार्मोन्स भी संतुलित रहेंगे और शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या भी नहीं होगी।
  • हार्मोन्स का संतुलन बनाये रखने के लिए ओट्स को अपने आहार में शामिल करें।
  • नियमित रूप से दही खाने से भी हार्मोन्स संतुलित रहते हैं।
  • अदरक, लहसुन, कालीमिर्च, जीरा, करीपत्ता आदि भी हार्मोंस का संतुलन बनाये रखने में बेहद सहायक होते हैं इन्हें अपने दैनिक आहार में अवश्य शामिल करें।

हमने आपसे सिर्फ ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की है। अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर ले। सदैव खुश रहे और स्वस्थ रहे।

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