तिल के फायदे और बेमिसाल नुस्खे

दिसम्बर 28, 2016

तिल को सर्दियों का मेवा कहा जाता है, इसलिए सर्दी के आगमन से ही घर के व्यंजनों में तिल का उपयोग शुरू हो जाता है। किंतु तिल का महत्व और उपयोग सबसे ज्यादा मकर संक्रांति पर होता है। खास तौर पर चिक्की, हलवा, लड्डू और बर्फी बनाने में इसका ज्यादा उपयोग किया जाता है। व्यंजनों के अलावा तिल के औषधीय गुण भी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। भारत में तिल दो प्रकार के होते हैं – काले और सफेद। काले तिलों का प्रयोग आदिकाल से भारतीय समाज में पूजा पाठ में होता आया है। काले तिल का सेवन ही सेहत के लिए कारगर है। भारतीय खानपान में तिलों का बहुत महत्व है। तिल की तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दियों के मौसम में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर सक्रिय रहता है। तिल के फायदे-

तिलों में कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन-डी, बी काम्‍प्‍लेक्‍स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। तिल में सेसमीन नामक एन्टीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। अपनी इस खूबी की वजह से ही यह लंग कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम करता है। इसके अलावा तिल के फायदे कई हैं – जैसे यह हृदय रोग, दिल का दौरा और धमनीकलाकाठिन्य (atherosclerosis) के संभावना को कम करता है। सर्दियों के दौरान गुड़ के साथ इसका स्वाद बहुत पसंद किया जाता है। तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है, जो दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। तिल में नियासिन नामक विटामिन होता है जिस कारण इसके सेवन से तनाव, अवसाद और मानसिक दुर्बलता दूर होती है। अपने इन्हीं औषधि गुणों के कारण तिल को स्वास्थ्यवर्धक और मानसिक शांति प्रदान करने वाला भोजन कहा गया है। प्राचीन समय से खूबसूरती बनाये रखने के लिए भी तिलों का प्रयोग किया जाता रहा है। तिल का तेल भी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। वाइरस, एजिंग और बैक्टीरिया से शरीर की रक्षा करने में तिल के तेल का महत्व अचूक है।

तो आइये आज हम आपसे सर्दियों में तिल के फायदे, तिल के उपयोग व औषधीय गुणों के बारे में चर्चा करते है।

  1. तिल को हल्का सेक लें फिर समान मात्रा में गुड मिलाकर लड्डू बना लें। रोजाना सुबह एक लड्डू दूध के साथ खाने से मानसिक दुर्बलता एंव तनाव दूर होता है और शक्ति मिलती है। सांस फूलना व जल्दी बुढ़ापा आने जैसी समस्या भी नही रहती।
  2. तिल के सेवन से या तिल के तेल से सिर में मालिश करने से बाल घने और चमकदार तो होते ही है साथ ही बालों का गिरना भी धीरे-धीरे कम हो जाता है।
  3. प्रतिदिन दो चम्मच काले तिल को चबाकर खाए और उसके बाद ठंडा पानी पिये। इस उपाय को नियमित करने से पुराने से पुराना बवासीर भी ठीक हो जाता है।
  4. बादाम, नारियल की गिरी, मावा और पीपल 100-100 ग्राम के अनुपात में लें। अब इस अनुपात में 400 ग्राम तिल मिलाकर पीस लें। अब अपने स्वादनुसार मिश्री मिलाएं और सर्दियों में नियमित इस मिश्रण का सेवन करें। इस मिश्रण के सेवन से आपकी पाचन शक्ति तो बढ़ेगी ही बल्कि आप बुद्धिमान, बलशाली भी हो जायेंगे। साथ ही आपके शरीर में नव उर्जा का भी संचार होगा।
  5. काले भुने तिलों को गुड़ के साथ समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बना लीजिए। रात में सोने से पहले बच्चे को एक लड्डू नियमित खिलाइए। बच्चा नींद के दौरान पेशाब नही करेगा।
  6. 4-5 चम्मच मिश्री एंव इतने ही तिल मिश्रित कर इन्हे एक गिलास पानी में आधा पानी रहने तक उबाले। इसे दिनभर में तीन बार लेने से सूखी खाँसी से निजात मिल जाती है। अदरक वाली चाय में दो ग्राम तिल मिलाकर कुछ देर उबालें। इस चाय के सेवन से भी खांसी ठीक हो जाती है। एक गिलास पानी में दो चम्मच सफेद तिल और दो चम्मच साबुत कालीमिर्च मिलाकर पानी आधा रहने तक उबाल लें। इस चाय को दिन में तीन बार गर्म-गर्म पीने से खाँसी में अति शीघ्र आराम आता है।
  7. शरीर पर तिल के तेल की मालिश से त्वचा रोग दूर होते है, साथ ही सनबर्न से भी त्वचा की रक्षा होती है।
  8. 20-25 ग्राम तिल चबाकर खाये और उपर से गर्म पानी पीने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
  9. तिल की खली को जलाकर इसकी राख में गोमूत्र मिलाकर चेहरे पर लेप करने से कुछ ही दिनों में मुँहासे ठीक हो जाते है।
  10. प्रतिदिन 50 ग्राम तिल को भूनकर कूट लीजिए। इसमें चीनी, गुड या मिश्री मिलाकर नियमित खाइए। इससे कब्ज दूर हो जाती है।
  11. रोज सुबह अच्छे से चबा-चबाकर काले तिल खाने से दांत और मसुड़े स्वस्थ व मजबूत रहते है।
  12. तिल, सोंठ, मेथी और अश्वगंधा सभी को एक मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। रोज सुबह इस चूर्ण के सेवन से आर्थराइटिस की समस्या ठीक हो जाती है।
  13. एक छोटी चम्मच काले तिल को भोजन के बाद चबा-चबा कर खाने से चर्बी कम हो जाएगी।
  14. गुनगुने तिल के तेल में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला कर मुंह के छालों में लगाइए, इससे मुंह के छाले ठीक हो जायेंगे।
  15. 100 ग्राम तिल, 50-50 ग्राम अजवाइन और खशखश को हल्का भूनकर पीस लें। इस मिश्रण को रोजाना दो बार दो चम्मच के अनुपात में लेने से पेशाब सम्बन्धी सभी समस्या से निजात मिल जाती है।
  16. 20 ग्राम काले तिल में दो सूखे खजूर मिलाकर एक गिलास पानी में अच्छे से उबालकर छान लें, अब इसमे एक चम्मच देशी घी मिलाकर गर्म-गर्म रोजाना एक बार पीने से शीघ्र ही कमर दर्द ठीक हो जाता है।
  17. एक चम्मच काले तिल को आधा कप गर्म पानी में दो घंटे के लिए भिगोकर रख दे। फिर इसी पानी के साथ तिल को पीस कर छान लें और एक कप सामान्य गर्म दूध में एक चम्मच शहद व इस छाने हुये तिल के पानी को मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट पीने से खून की कमी अति शीघ्र दूर हो जाती है।
  18. 50 मिली तिल के तेल में आधा छोटा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर गर्म करें। हल्का ठंडा होने पर रात को सोने से पहले अंगुलियों पर हल्की मालिश करने से अंगुलियों की सूजन जल्द ही ठीक हो जाती है।
  19. तिल को पीस लें और उसे पानी के साथ मिलाकर जख्म की जगह पर बाँध दें। इस नुस्खे से गहरा जख्म और मोच भी शीघ्र ठीक हो जाती है।
  20. एक चम्मच तिल को एक गिलास पानी में मिलाकर रात को रख दें। सुबह खाली पेट इस पानी को तिल के साथ पी लें या एक चम्मच तिल को आधा चम्मच सूखे अदरक के चूर्ण के साथ मिलाकर गर्म दूध के साथ लें। इस उपाय से जोड़ों का दर्द धीरे-धीरे चला जायेगा।
  21. तिल को दूध में भिगोकर उसका पेस्ट चेहरे पर लगाने से चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है और रंग भी निखरता है। इसके अलावा तिल के तेल की मालिश से भी त्वचा कांतिमय हो जाती है।

एक रिसर्च के अनुसार ठंड में तिल व तिल के तेल का सेवन डायबिटीज के पेशेन्ट्स के लिए दवा का काम करता है। ठंड में तिल के सेवन से कफ व सूजन से भी राहत मिलती है। इसके अलावा पायरीया, बहरापन, पीठ दर्द, हड्डियों की कमज़ोरी आदि बीमारियों की हो जाएगी छुट्टी अगर आप तिल को अपने आहार में शामिल करेंगे।

सर्दियों में तिल का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। गुड के साथ इसका सेवन करने से ज़्यादा लाभ मिलता है। सर्दियों में तिल व उसके तेल दोनों का ही सेवन करना चाहिए लेकिन तिल का सेवन हेल्दी तरीके से करे। तिल को अपने आहार में शामिल करने से पहले भून लें। किसी भी तरह के सलाद या सब्जी में इसको छिड़क कर खा सकते हैं या तिल के लड्डू, तिल की पूरी आदि भी बनाकर खा सकते है। खाना बनाने में तिल के तेल का इस्तेमाल सर्दियों में ज़रूर करें।

आप तिल का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से उचित अनुपात के लिए परामर्श अवश्य कर लें क्योकि ज़्यादा लाभ पाने की आस में कई बार नुकसान का सौदा भी हो जाता है। अगर आप को तिल से किसी भी तरह की एलर्जी हो तो इसका उपयोग अपने डॉक्टर की सलाह पर करें। किसी भी उपाय या नुस्खे को अपनी सूझ-बुझ से चुने। हमारा उद्देश्य आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाना है।

“कच्चा केला खाने से होते हैं ये फायदे”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें