हल्दी के फायदे और नुकसान

हल्दी से भला कौन परिचित नही है। दादी माँ के नुस्खों के रूप में हल्दी के गुणों को हम सदियों से पढ़ते या सुनते आ रहे है। इसके इतने गुण है कि वर्तमान में इस पर नित नये शोध हो रहे है। आइए जानते हैं हल्दी के फायदे और नुकसान और इससे जुड़ी जानकारियाँ। पूरे विश्व में 90% हल्दी का उत्पादन अकेले भारत में होता है इसलिए भारत में इसकी खपत भी बहुत अधिक मात्रा में है। पूरे विश्व में इसको टर्मरिक के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त है। यह भारत की एक चमत्कारी वनस्पति है। इसका पौधा 5-6 फीट का होता है, इस पौधे की जड़ में हल्दी की गाठें मिलती है। पौधे से मिलने वाली इसकी गांठें ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते भी बहुत उपयोगी होते है।

सर्दियों में हल्दी की गांठ का सेवन अधिक लाभप्रद है, क्योकि यह मौसम हल्दी के फायदे को कई गुणा बढ़ा देता है। कच्ची हल्दी में हल्दी पावडर की तुलना में अधिक गुण होते है क्योकि कच्ची हल्दी का रंग पावडर की अपेक्षा ज़्यादा गाढ़ा और पक्का होता है। इस मौसम में कच्ची हल्दी प्रचुर मात्रा में बाज़ार में बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। व्यंजनों, जूस, सूप, दूध, चटनी, अचार में कई तरीकों से आप कच्ची हल्दी का उपयोग सर्दियों में कर सकते है। कच्ची हल्दी को सूखा कर आप पूरे वर्ष संभाल कर रख सकते हो।

भारतीय संस्कृति और परंपराओं में हल्दी का उपयोग आदिकाल से होता आ रहा है। यहां तक की सौंदर्य प्रसाधन, दवाइयों, धार्मिक कार्यो व मांगलिक कार्यो में यह अनिवार्य तौर पर प्रयोग में लाई जाती है। भारतीय पाक शैली की तो इसके बिना कल्पना भी नही की जा सकती। भारत की हर गृहणी की रसोई के मसालों में इसका प्रमुख स्थान है। हल्दी सिर्फ़ आहार में ही स्वाद का इज़ाफा नही करती, बल्कि औषधि में भी इसको आयुर्वेद ने प्रमुख द्रव्य के रूप में मान्यता दी है। आयुर्वेद के अलावा एलोपेथिक दवाओं में भी इसका प्रयोग बड़ी मात्रा में किया जाता है। औषधि ग्रंथों में इसे कुरकुमा, लौंगा, कुमकुम, हरिद्रा, हरदल, टर्मरिक आदि कई नामों से जाना जाता है।

शरीर की सारी तकलीफों का इलाज हल्दी के पास किसी न किसी रूप में अवश्य है। चोट, मोच, घाव, सर्दी-जुखाम, खांसी, कोलेस्ट्रॉल, पाचन क्रिया, चर्म रोग, पेट की समस्या, दाद आदि कई बिमारियों का इलाज हल्दी द्वारा पुरातनकाल से होता आ रहा है और आज भी हो रहा है। इसमें करक्यूमिनोइड्स और वोलाटाइल तेल नामक तत्व पाये जाते है जो कैंसर जैसे भयंकर रोग से लड़ने की भी क्षमता रखते है। शोध से यह प्रमाणित हुआ है कि इसमें लिपोपॉलीसेच्चाराइड नामक तत्व होता है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। इस कारण यह शरीर को बैक्टेरिया की समस्या, बुखार ना आने देना, अल्जाइमर्स और शरीर को फंगल इंफेक्शन से भी सुरक्षा देता है।

हल्दी भारत की धरोहर है। इसमे इतने अनंत गुण है कि इसे एक सर्वगुण संपन्न एंटीबायोटिक्स जड़ी-बूटी के रूप में विश्व ख्याति प्राप्त है। अपने इन्हीं चमत्कारी गुणों के कारण आज विश्व में भारत हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक ही नही बल्कि निर्यातक भी है। सेहत के लिहाज से इसका सेवन अपने आहार में प्रतिदिन करे। आज हम आपको इसके आश्चर्यचकित और अचूक घरेलू नुस्खों से अवगत करायेंगे जिसे अपनाकर आप अपने स्वास्थ्य और सौंदर्य में निखार ला पायें:-

  1. गर्म दूध में हल्दी का सेवन करने से चोट के दर्द, सूजन और कफ से राहत मिलती है।
  2. दाग-धब्बें और मुहांसों को हटाने में इसका कोई सानी नहीं। काले तिल और हल्दी को बराबर मात्रा में ले और एकसार करके पेस्ट बना के चेहरे पर लगाने से चेहरा खिला-खिला निखरा हुआ और साफ हो जाता है। छाछ और गन्ने के रस में हल्दी को मिलाकर पीने से आंखों के नीचे के काले घेरे और झुर्रियां ठीक होती है।
  3. अगर आप चेहरे या हाथों के अनचाहे बालों से परेशान है तो गुनगुने नारियल तेल में हल्दी का पावडर मिलाकर पेस्ट बना ले फिर अनचाहे बालों पर लगायें। धीरे-धीरे अनचाहे बाल हट जायेंगे और त्वचा कोमल हो जायेगी। हल्दी और शहद का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते हैं, जिससे चेहरे को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है और चेहरा फिर से जवां दिखने लगता है।
  4. हल्दी, नमक और सरसों तेल का पेस्ट बना ले, फिर इस पेस्ट से दाँतों और मसूड़ों पर अच्छे से मसाज करे। इससे दाँतों के कीड़े खत्म होंगे साथ ही मसूड़ों की सूजन में भी आराम मिलेगा।
  5. खांसी आने पर हल्दी की गांठ को मुँह में रख कर चूसे खाएं नही, आराम मिलेगा। आधी छोटी टी स्पून हल्दी पावडर में दो चुटकी नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ दिन में 2-3 बार लेने से खांसी से राहत मिलती है।
  6. ठंड लग कर आने वाले बुखार में और कुष्ठ रोग की समस्या होने पर गर्म दूध में हल्दी और कालीमिर्च मिलाकर पीने से लाभ होता है।
  7. हल्दी और ऑलिव आयल को मिलाकर सिर की त्वचा पर मसाज करें। मसाज के बीस मिनट बाद बालों को धो ले। इस प्रयोग से रूसी व सर में खुजली की समस्या दूर होगी तथा सिर की त्वचा को नमी भी प्रदान होगी।
  8. इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होने के कारण इसे गर्म दूध में मिलाकर पीने से दमा, कफ, साइनस, ब्रोंकाईटिस, शरीर की अतिरिक्त चर्बी घटाने में, हड्डियों को मजबूत बनाने में, कान के दर्द आदि कई बिमारियों में आराम मिलता है। आधा टी स्पून हल्दी पाउडर को आधे गिलास दूध में मिलाकर उबालें और इसे हल्का ठंडा करके पिये। यह उपाय अनेक प्रकार के कष्टों को दूर करता है, इससे ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को भी राहत मिलती है।
  9. यह शरीर में ट्रिप्टॉफन नामक अमीनो अम्ल को बनाता है, इसलिए रात को सोने से आधे घंटे पहले हल्दी वाला दूध पीने से गहरी नींद आती है व अनिंद्रा और बैचेनी दूर होती है।
  10. इसको को गर्म पानी में मिलाकर कुल्ले करने से मुँह के छाले ठीक होते है।
  11. चोट की वजह से कोई घाव बन गया हो या मोच आ गई हो तो हल्दी पावडर का पेस्ट बना कर चोट वाली जगह बांधने से संक्रमण का ख़तरा नही रहता और घाव भी जल्द ठीक हो जाता है। साथ ही हल्दी का गर्म दूध पीने से आंतरिक चोट भी सही हो जाती है।
  12. हल्दी पावडर को गाय के घी में सेक कर इस मिश्रण को हाथ-पैर की अंगुलियों के बीच लगाने से बरसात के समय होने वाले घाव व फोड़े-फुंसी ठीक होते है।
  13. हल्दी पावडर, बादाम चूर्ण और दही मिलाकर चेहरे पर लगाने से सनबर्न के कारण काली हुई त्वचा ठीक हो जाती है और रंग निखर जाता है। यह प्रयोग एक तरह से सनस्क्रीन लोशन का काम करता है।
  14. यदि शरीर में ठंड बहुत जल्द लग जाती है और एलर्जी हो तो 250 ग्राम हल्दी पावडर को चार चम्मच देशी घी में सेक ले। फिर इस मिश्रण का एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार पाँच महीने तक खायें, इससे एलर्जी रोग, जुखाम, श्वास रोग, खांसी आदि परेशानी नही होती है। हल्दी और सौंठ को बराबर मात्रा में एकसार करें, फिर इस मिश्रण का एक चम्मच गुनगुने पानी या दूध के साथ फांक ले, जुखाम अतिशीघ्र ठीक होगा।
  15. दाद, खाज-खुजली, फोड़ा, रक्त विकार आदि चर्म रोग में एक चम्मच हल्दी पावडर में आधी चम्मच पीसी हुई मिसरी मिलाकर सुबह-शाम पानी के साथ फांकने से चर्म रोग में आराम आता है। हल्दी वाला दूध स्किन प्रॉब्लम्स में रामबाण का काम करता है।

उपरोक्त उपायों के अलावा ये कई बिमारियों को ठीक करती है जैसे की लीवर संबंधी, पेट में कीड़े, रक्त संचार, मधुमेह, अनियमित माहवारी, खून साफ करना, वायु प्रकोप, गठिया, माइग्रेन जैसी आदि गंभीर बिमारियों से हमें दूर रखती है। हल्दी विस्मयकारी गुणों से भरपूर है इसलिए इसको प्राकृतिक दर्दनाशक, संक्रमणरोधी और कफहारक औषधि माना जाता है। यदि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो तो आधा चम्मच हल्दी पाउडर को गुनगुने दूध के साथ दिन में दो बार फांके, इससे हीमोग्लोबिन में वृद्धि होती है। इसलिए इसका सेवन पूर्ण रूप से सुरक्षित और किफायती है। अगर आप रोजाना गर्म दूध में हल्दी का सेवन करते रहे तो आप लम्बी उम्र तक सेहतमंद रहेंगे।

एक बात का ख्याल रखे अगर आपको पहले से एनीमिया की शिकायत है तो आप हल्दी का सेवन कम मात्रा में करे क्योकि ज़्यादा सेवन से ब्लड शुगर बहुत कम हो जाती है। गर्भवती महिलायें कच्ची हल्दी का सेवन चिकित्सक की सलाह से करें। अगर किसी की सर्जरी होने वाली हो तो कच्ची हल्दी ना खायें। अगर आपको मसालों के सेवन से एलर्जी है तो हल्दी का उपयोग बंद कर दे, यह आपकी एलर्जी को बढ़ा सकती है।

अमूमन हल्दी का उपयोग बच्चों से बड़ों तक सुरक्षित है। यह हमारी शारीरिक उर्जा को बढ़ाता है साथ ही रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। ये सभी उम्र के लोगों के लिए लाभप्रद है। इसके सेवन से किसी भी तरह की कोई हानि होने की संभावना नही होती है। फिर भी अगर आपको पहले से कोई समस्या हो तो आप अपने चिकित्सक से संपर्क करके सही मात्रा में सेवन करें। हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। हल्दी के फायदे और नुकसान एवं उपयोग कितनी मात्रा में और कैसे करे उसके लिए आप अपने चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले।

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