हीमोग्लोबिन ज्यादा होने के नुकसान

आइये जानते हैं हीमोग्लोबिन ज्यादा होने के नुकसान। हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स में पाया जाने वाला प्रोटीन का एक प्रकार होता है जिसमें आयरन मौजूद होता है। इसकी कमी से होने वाले रोगों के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि हीमोग्लोबिन अगर शरीर में बढ़ जाए तो भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

ऐसे में आज जानते हैं कि हीमोग्लोबिन की अधिकता शरीर को कैसे प्रभावित करती है। हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया जैसे रोग होते हैं और हीमोग्लोबिन ज्यादा होने पर खून पहले की तुलना में गाढ़ा हो जाता है जिसकी वजह से ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है।

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हीमोग्लोबिन ज्यादा होने के नुकसान

थकान महसूस होना – शरीर में जब किसी कारण से रेड ब्लड सेल्स की संख्या जरुरत से ज्यादा बढ़ जाती है तो हीमोग्लोबिन का स्तर भी बढ़ता है जिससे थकान अनुभव होने लगती है और कोई भी काम जल्दी-जल्दी निपटाने में थका हुआ महसूस होता है।

दिमाग पर पड़ता है असर – हीमोग्लोबिन का स्तर अगर बढ़ जाए तो दिमाग की क्षमता भी कुछ हद तक प्रभावित होती है और सोचने-समझने में दिक्कत आने लगती है। छोटी-छोटी बातों को समझने में कन्फ्यूजन हो सकता है।

ब्लीडिंग होना – हीमोग्लोबिन की अधिकता होने पर शरीर के किसी अंग से खून बहने की समस्या भी हो सकती है जैसे नाक से खून बहना, दांतों की जड़ों और मसूड़ों से खून आना।

सिरदर्द रहना – अगर लगातार हल्का सिर दर्द बना रहे तो इसका कारण हीमोग्लोबिन का बढ़ना भी हो सकता है।

हीमोग्लोबिन ज्यादा होने के नुकसान 2

धुंधला दिखाई देना – कई मामलों में हीमोग्लोबिन बढ़ने से आँखों से धुंधला दिखाई देने लगता है।

पेट से जुड़ी तकलीफें – पेट में अचानक दर्द होना या पेट में बायीं तरफ दबाव महसूस होना, असहज महसूस होना, पेट भरा हुआ लगना जैसे लक्षण भी हीमोग्लोबिन की अधिकता के कारण दिखाई दे सकते हैं।

इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से हीमोग्लोबिन की जांच जरूर कराएं।

उम्मीद है जागरूक पर हीमोग्लोबिन ज्यादा होने के नुकसान कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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