हीमोग्लोबिन क्या है?

सितम्बर 28, 2018

हीमोग्लोबिन शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपने अक्सर सुना होगा कि आहार में हरी सब्जियां जरूर शामिल होनी चाहिए क्योंकि उनमें आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है जो स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व होता है और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में इसकी अहम् भूमिका होती है। ऐसे में ये जानना बेहतर होगा कि आयरन और हीमोग्लोबिन का क्या सम्बन्ध होता है और हीमोग्लोबिन क्या होता है। तो चलिए, आज इसी बारे में बात करते हैं।

हमारे शरीर में ब्लड में पायी जाने वाली रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में आयरन सहयोग करता और हीमोग्लोबिन के निर्माण में भी आयरन की भूमिका अहम है। रेड ब्लड सेल्स के अंदर हीमोग्लोबिन भरा रहता है। ये रेड ब्लड सेल्स तश्तरीनुमा दिखाई देती हैं और हर तश्तरी के अंदर 30-35 प्रतिशत भाग हीमोग्लोबिन का होता है। खून का लाल रंग हीमोग्लोबिन के कारण ही होता है।

बोनमैरो यानी अस्थिमज्जा में विटामिन बी-6 यानी पाइरिडॉक्सिन की उपस्थिति में आयरन, ग्लाइसिन एमिनो एसिड से मिलकर हीम यौगिक बनाता है और ये हीम यौगिक ग्लोबिन प्रोटीन से मिलकर हीमोग्लोबिन बनाता है।

महिला और पुरुषों में हीमोग्लोबिन की एक निश्चित मात्रा का होना जरुरी होता है जिससे कम मात्रा होने पर एनीमिया हो सकता है। रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा ग्राम प्रति डेसीलीटर में मापा जाता है। हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर उम्र और लिंग के आधार पर अलग अलग होता है। नवजात शिशु में हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर 15-20 ग्राम/डेसीलीटर, बच्चों में हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर 11-13 ग्राम/डेसीलीटर,  वयस्क पुरुषों में 13.5-17.5 ग्राम/डेसीलीटर और महिलाओं में 12.0-15.5 ग्राम/डेसीलीटर की रेंज में होनी चाहिए।

हीमोग्लोबिन फेफड़ों से शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने और कार्बन डाई ऑक्साइड को वापिस फेफड़ों तक पहुँचाने का काम करता है। एक स्वस्थ वयस्क में, साथ जुड़े हुए 4 प्रोटीन अणुओं से हीमोग्लोबिन बनता है – दो अल्फा ग्लोबुलिन अणु और दो बीटा ग्लोबुलिन अणु।

सरल शब्दों में ये कहा जा सकता है कि हीमोग्लोबिन एक ऐसा प्रोटीन है जिसमें आयरन होता है, ये रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है और शरीर में ऑक्सीजन के संचरण का काम करता है।

“सेब का सिरका के फायदे”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें