हिंदी का महत्व

आइये जानते हैं हिंदी का महत्व। हिंदी भाषा भारत देश का गौरव है। भारत की राजभाषा हिंदी, विश्व की एक प्रमुख भाषा है। इस भाषा का इतिहास लगभग एक हजार साल पुराना माना जाता है।

इस सरल और उदार भाषा की ख़ासियत है कि इसे जैसा लिखा जाता है वैसा ही बोला जाता है इसलिए कोई भी इस भाषा को आसानी से सीख सकता है। भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी का महत्व बढ़ाने के लिए 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रुप में मनाया भी जाता है।

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हिंदी का महत्व

हिंदी शब्द का सम्बन्ध संस्कृत के सिंधु शब्द से माना जाता है। सिंधु सिंध नदी को कहा जाता था। यही सिंधु शब्द ईरानी में जाकर हिन्दू , हिंदी और फिर हिन्द हो गया और इस तरह इस भाषा को अपना नाम मिला।

हिंदी भाषा ना केवल भारत में बोली जाती है बल्कि मॉरीशस, फिजी, गयाना, सूरीनाम, संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, यमन, युगांडा, सिंगापुर, नेपाल, न्यूजीलैंड और जर्मनी जैसे देशों के एक बड़े वर्ग में भी प्रचलित है।

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आइये, अब आपको हिंदी भाषा की कुछ प्रमुख विशेषताएं बताते हैं-

  • हिंदी का उद्भव देवभाषा संस्कृत से हुआ है जो इतनी समृद्ध और आधुनिक है कि उसे कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रयोग करने के लिए सबसे उपयुक्त भाषा माना जाता है।
  • हिंदी की वर्णमाला दुनिया की सबसे व्यवस्थित वर्णमाला है जिसमें स्वर और व्यंजनों को अलग-अलग व्यवस्थित किया गया है।
  • हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है जो विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक लिपि है।
  • हिंदी वर्णमाला में हर ध्वनि के लिए लिपि चिन्ह है यानी हम जो भी बोले, उसे आसानी से लिखा भी जा सकता है।
  • हिंदी भाषा का शब्दकोश बहुत विशाल है जिसमें हर कार्य के लिए बहुत से शब्द मौजूद हैं। इस शब्दकोष में शब्दों की संख्या 2.5 लाख से भी ज्यादा है और ये संख्या तेजी से लगातार बढ़ रही है।
  • हिंदी भाषा इतनी लचीली है कि इसमें दूसरी भाषाओं के शब्द भी आसानी से समा जाते हैं।
  • हिंदी में साइलेंट लेटर्स नहीं होते हैं इसलिए इसके लेखन और उच्चारण में शुद्धता रहती है।
  • इस भाषा में निर्जीव वस्तुओं के लिए भी लिंग का निर्धारण होता है।
  • हिंदी ऐसी व्यावहारिक भाषा है जिसमें हर सम्बन्ध-रिश्ते के लिए अलग-अलग शब्द दिए गए हैं।
  • आज दुनिया में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा के रुप में हिंदी ने अपनी जगह बनायी है।
  • हिंदी भाषा की समृद्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस भाषा की पांच उप-भाषाएँ हैं और कम से कम सोलह बोलियां प्रचलन में हैं।
  • सोशल मीडिया के इस दौर में इंटरनेट पर हिंदी का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है और फेसबुक, ट्विटर पर भी हिंदी का प्रयोग बहुत बढ़ा है।

हिंदी भाषा कितनी समृद्ध है, ये तो आप जान ही गए हैं और आज के दौर में हिंदी भाषा को धीरे-धीरे अपना वो मुकाम फिर से मिलने लगा है जो गुलामी के दौर में उससे छीन गया था।

ऐसे में आप भी अपनी राजभाषा से प्रेम करिये और उसके प्रसार और विस्तार में कोई कमी मत छोड़िये क्योंकि अपनी भाषा से प्रेम करना अपने देश से प्रेम करने जैसा ही है।

उम्मीद है हिंदी का महत्व कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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