हिन्दू धर्म में अंतिम संस्कार के बाद नहाते क्यों हैं? जानिए असली वजह

5731

हर धर्म के अपने अपने रीति रिवाज होते हैं जन्म से लेकर मौत तक सभी अपने धर्म के मुताबिक अपने रीति रिवाज निभाते हैं। ऐसा ही एक संस्कार हिन्दू धर्म में होता है जब भी किसी मृत व्यक्ति की शव यात्रा निकाली जाती है तो उसके दाह संस्कार के बाद शव यात्रा में शामिल हुए सभी लोग नहाते हैं। ये रिवाज सदियों से निभाया जा रहा है लेकिन क्या आपको इसके पीछे की वजह के बारे में पता है की आखिर ऐसा क्यों होता है की अंतिम संस्कार के बाद नहाना जरुरी माना जाता है ? दरअसल इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण हैं आइये आपको इन दोनों कारणों के बारे में विस्तार से बताते हैं।

धार्मिक कारण
दरअसल हिन्दू धर्म में ये मान्यता है की श्मशान भूमि पर हमेशा नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता रहता है और ऐसे में कमजोर मनोबल वाले व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकते हैं और यही कारण है की महिलाओं को अंतिम संस्कार में शामिल नहीं किया जाता क्योंकि वो पुरुषों की तुलना में ज्यादा कमजोर दिल और भावुक होती हैं ऐसे में उन पर श्मशान भूमि की नकारात्मक ऊर्जा बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोग दाह संस्कार पूरा होने के बाद नहाकर खुद को सभी नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त करते हैं।

वैज्ञानिक कारण
अंतिम संस्कार के बाद नहाने के रिवाज के पीछे के वैज्ञानिक कारण की बात करें तो विज्ञान का कहना है की जब भी किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके शव में कई बैक्टीरिया हावी हो जाते हैं और ऐसे में ये बैक्टीरिया शव के संपर्क में आने वाले दूसरे व्यक्तियों के शरीर में भी फ़ैल सकते हैं। इसके अलावा शव के दाह संस्कार के बाद वहां का वातावरण संक्रामक कीटाणुओं से ग्रसित हो जाता है जो वहां मौजूद लोगों के शरीर पर असर डाल सकता है। ऐसे में अंतिम संस्कार के बाद नहाना इसीलिए जरुरी माना जाता है ताकि शरीर किसी बैक्टीरिया की चपेट में ना आये और नहा लेने से संक्रामक कीटाणु पानी के साथ ही बह जाएँ।

“जानिए हिन्दू धर्म में क्यों किया जाता है मुंडन संस्कार”
“जानिए पैरों में सोना पहनना हिन्दू धर्म में क्यों गलत माना जाता है ?”
“गर्भ संस्कार का क्या महत्व है और यह क्यों जरूरी हैं”

Add a comment