होली से जुड़ी कुछ अनसुनी दिलचस्प बातें

फागुन मास की पूर्णिमा को मनाये जाने वाले रंगों के त्यौहार होली का भारत में बड़ा महत्व है। इस दिन लोग अपने सभी गिले शिकवे भूलकर एक दूसरे से गले मिलते हैं और रंग गुलाल लगाते हैं। होली दो दिन का त्यौहार होता है जिसमे पहले दिन होलिका दहन किया जाता है जबकि दूसरा दिन धुलंडी होता है जिस दिन सभी एक दूसरे के साथ रंग गुलाल लगाकर ये त्यौहार मनाते हैं। तो आइये आज आपको होली से जुड़ी कुछ और दिलचस्प जानकारियां बताते हैं जिनसे शायद आप आज तक अनजान थे।

होली का अपना एक इतिहास है, दरअसल दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे प्रहलाद और अपनी बहन होलिका को आग में बैठा दिया था जिसमे होलिका जल गई लेकिन प्रहलाद को कुछ नहीं हुआ और वो जिन्दा बच गया। तभी से इस दिन को होलिका दहन के रूप में बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के तौर पर मनाया जाने लगा।

होलिका दहन के दूसरे दिन धुलंडी मनाई जाती है जिसमे सभी एक दूसरे के साथ रंग खेलते है लेकिन ये दिन होलिका की कहानी से सम्बंधित नहीं है बल्कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना नामक राक्षशी का वध किया था और इसी के उल्लास में वृंदावन वासियों ने रंग खेलकर जश्न मनाया और तभी ये दिन रंगों का त्यौहार बन गया।

होलिका दहन में सभी लोग गेहू की बालिया लेकर जाते हैं और उस अग्नि में इसे पकाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। दरअसल ये वैदिक काल का एक विधान था जिसमे यज्ञ में आधे पके हुए अन्न को हवन की अग्नि में पकाकर प्रसाद के रूप में लिया जाता था और इसी विधान को आज भी होलिका दहन में निभाया जाता है।

होली का त्यौहार फागुन की पूर्णिमा को मनाया जाता है और इस दिन का एक और महत्व भी है, दरअसल इसी दिन ऋषि मनु का भी जन्म हुआ था।

होली पर रंगों से खेलना भगवान शिव से भी सम्बन्ध रखता है जिसमे शिव भगवान का नाचना गाना और उनकी बारात का दृश्य प्रतीत होता है।

होली का त्यौहार महाभारत काल से भी सम्बन्ध रखता है, दरअसल इस काल में युधिष्ठिर ने जनता को होली का महत्व समझाया और बताया की इस दिन को हर्षोउल्लास से मनाने से और खुशियां बांटने से पाप का अंत होता है। युधिष्ठिर ने इस दिन होली की अग्नि की 3 परिक्रमा लगाकर नाच गाने और खुशियां मनाने को कहा और तभी से इस दिन को खुशियों के त्यौहार के तौर पर मनाया जाने लगा।

होली का त्यौहार इकलौता एक ऐसा त्यौहार है जिसे सभी धर्म के लोग बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते हैं और एक दूसरे से सभी बेर भूलकर एक साथ खुशियां मनाते हैं।

रंगों से खेली जाने वाली होली इस कदर प्रसिद्द है की इस दिन को ना सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है। कई विदेशी तो इस त्यौहार को मनाने के लिए ख़ास तौर पर भारत आते हैं।

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