दांतों की समस्या में घरेलू उपचार

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दांतों की समस्या

दांतों की समस्या एक आम समस्या है। दांतों का दर्द बहुत ही तकलीफदेह होता है। जब यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ जाती है तो व्यक्ति कि सूझ-बुझ की क्षमता पर भी असर पड़ता है। आज की जीवनशैली को देखते हुए बच्चे भी इस परेशानी से वंचित नही है। कई बार दांतों में सामान्य दर्द होता है तो कई बार असहनीय दर्द होता है। अत्यधिक दर्द के कई कारण होते है जैसे मसूडों में सूजन या घाव, दांतों में कीड़े, संक्रमण, पायरीया, दांतों में सड़न आदि कई कारण होते है जिससे रोगी को अत्यधिक पीड़ा का सामना करना पड़ता है।

कई बार असंतुलित खान-पान की वजह से भी दांत में दर्द हो जाता है, तो कई बार दांतों की ठीक से सफाई ना होना भी एक बड़ा कारण होता है जिससे दांतों में दर्द रहने लग जाता है। लगातार दांतों में दर्द रहने से हमारी आँखों की रोशनी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। दांतों में दर्द का कारण कोई भी हो, लेकिन इसकी पीड़ा बेहद कष्टकारी होती है। वैसे तो दांत दर्द के निवारण के लिए कई ऐलोपैथिक दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन उनके बहुत ही कुप्रभाव होते हैं जिसकी वजह से लोग आयुर्वेदिक और प्राकृतिक घरेलू उपचार ही पसंद करते है। अगर आप भी दांतों की समस्या से परेशान है एवं इसके उपचार के लिए प्रभावकारी घरेलू दर्द निवारक उपाय चाहते हैं तो नीचे दिए गए सरल उपायों पर ज़रूर अमल करें।

1. सरसों तेल – तीन से चार बूंद सरसों के तेल में एक चुटकी हल्दी और एक चुटकी नमक मिलाकर दांतों पर नियमित मालिश करने से दांत दर्द की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है। अगर दर्द में तुरंत आराम चाहते है, तो इस मिश्रण से 15 मिनट तक लगातार मालिश करते रहे। इस उपाय से हिलते हुए दांत मसूड़ों में फिर से फिट हो जाते है। दांतों का पीलापन दूर होता है, साथ ही दांतों में कभी पायरीया की शिकायत भी नही होगी।

2. लौंग – दांतों के दर्द में लौंग दांतों के सभी बैक्टीरिया को नष्ट करने में सक्षम है क्योंकि लौंग में काफी मात्रा में एनेस्थेटिक और एनलगेसिक औषधीय गुण होते है। लौंग को दांतों में दर्द की जगह रखना चाहिए, इस उपाय में आपको धैर्य रखने की आवश्यकता है, क्योंकि इस प्रक्रिया में थोड़ी धीमी गति से दांत का दर्द ठीक होता है। दिन में 2 से 3 लौंग दांतों के नीचे दबा कर रखे और इस दौरान कुछ ना खायें। तेज दर्द की स्थिति में दर्द वाले हिस्से पर लौंग का तेल लगाना बेहद फायदेमंद होता है।

3. हींग – इसमें कई एंटी-इंफ्लामेट्री, एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो दांतों के दर्द में राहत प्रदान करते है। चुटकी भर हींग को मौसमी के रस में मिलाकर रुई में लेकर उसे दर्द वाली जगह पर लगा दें। मौसमी का रस ना होने पर नींबू या पानी भी ले सकते है। जरा सी हींग को एक चौथाई पानी में घोल बनाकर माउथवॉश की तरह इस्‍तेमाल करने से कुछ ही देर में दांत के दर्द से राहत मिल जाती है।

4. प्याज – दांत दर्द में प्याज एक उत्तम घरेलू उपचार है। प्‍याज में एंटीसेप्टिक गुण होता हैं, जो दांतों के दर्द से राहत दिलाता है। इसे नियमित सलाद के तौर पर कच्‍चा खाने से दांतों में दर्द की शिकायत नही रहती। दांत के दर्द में प्याज के टुकड़े को दर्द वाले स्थान पर रखे या चबाएं, अगर आपके दांतों में दर्द ज्‍यादा है और आप इसे कच्‍चा नहीं चबा सकते, तो इसका रस निकालकर या प्याज को कूटकर उसकी लुग्दी को दर्द वाले दांतों में लगाकर रखना हितकर उपचार है। इससे दांत के जीवाणु नष्ट हो जाते है और आपको दर्द से भी जल्द राहत मिलेगी।

5. तेजपत्ता – यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक है, जो तुरंत ही दर्द से राहत दिलाता है। अपने औष‍धीय गुणों के कारण यह दांतों की सड़न, बदबू आदि को दूर करने में सहायक है। दांतों में दर्द हो या मसूड़ों से खून आ रहा हो, तो तेजपत्ते को पीसकर उसमें नमक मिलाकर इस मिश्रण को एक गिलास में डालें और उसमे थोड़ा सा वोडका मिला लें। इसे मुंह में भरकर कुल्ले करें, इस उपाय को दिन में दो बार करने से दर्द छूमंतर हो जायेगा।

6. अदरक – दांत या दाढ़ दर्द में अदरक के टुकड़े को हल्का सा कूटकर दर्द वाले दांत पर लगा दें और मुँह बंद करके धीरे-धीरे अदरक का रस चुसते रहें, दर्द से आपको फौरन राहत मिलेगी।

7. नींबू – नींबू विटामिन सी का बड़ा स्रोत है। दर्द वाले हिस्से पर नींबू का टुकड़ा रखने से दर्द में तुरंत आराम आता है। इसके अलावा नींबू के छिलके पर जरा सा सरसों का तेल लगाकर दांतों और मसूड़ों पर लगाने से दांत साफ होते है और मसूड़ें मजबूत होते है, साथ ही दांतों से संबंधित कई रोगों से बचाव भी होता है।

8. अमरूद के पत्ते – अमरूद की ताजा कोमल पत्तियों को दांतों में दर्द वाले हिस्‍से पर दबाकर रख लें, इससे दर्द में काफी राहत मिलती है। दिन में चार बार ऐसा करने से बहुत फायदा मिलता है। अमरूद की पत्तियों को या छाल को एक कप पानी में उबालकर उस पानी को माउथवॉश की तरह प्रयोग में लाने से हर तरह के दांत के दर्द में आराम मिलता है।

9. लहसुन – लहसुन में जीवाणुनाशक तत्व पाएं जाते है। इसमे एंटीबायोटिक और एलीसिन गुण भी होता है, इसलिए यह अनेक प्रकार के संक्रमण से लड़ने की क्षमता रखता है। अगर आपका दांत दर्द किसी संक्रमण के कारण है, तो लहसुन उस संक्रमण को दूर करके दांत दर्द को ठीक कर देता है। इसके फायदे को देखते हुए आप लहसुन की दो तीन कली को प्रतिदिन कच्चा चबा सकते है। आप लहसुन को काट या पीसकर उसमें सेंधा नमक मिलाकर अपने दर्द करते हुए दांत पर रख सकते है। लहसुन में एलीसिन होने के कारण यह दांत के पास के बैक्टीरिया, जर्म्स, जीवाणु इत्यादि को पूर्ण रूप से नष्ट कर देता है। लेकिन लहसुन को काटने या पीसने के बाद तुरंत उपयोग में लें, ज्यादा देर खुले में रखने से एलीसिन उड़ जाता है और आपको ज्यादा फायदा नहीं मिलता।

10. तिल का तेल – बारीक पिसे हुए नमक में तिल का तेल मिलाकर ऊंगली की सहायता से दांतों पर रोजाना मालिश करने से दांतों की पीड़ा कम होती है।

11. पुदीना – पुदिने की सूखी पत्तियों को दर्द वाले दांत के चारों और 10-15 मिनिट की अवधि तक रखे। इस उपाय को दिन में 7-8 बार करने से लाभ मिलेगा। खासकर उम्र बढ़ने पर होने वाले दांतों का दर्द पुदीना से ठीक हो जाता है। पुदीने के तेल की कुछ बूंदों को दर्द वाले हिस्‍से पर लगाए और फिर गर्म पानी से गरारा कर लें। आप पुदीने के तेल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर माउथवॉश की तरह भी प्रयोग कर सकते हैं।

12. टी बैग – गर्म पानी में टी बैग्स रखें और उससे दर्द वाले भाग की सिकाई करें, दांतों के दर्द से राहत मिलेगी।

13. वनिला रस – वनिला में एल्‍कोहल कम मात्रा में होता है और एंटीऑक्‍सीडेंट अधिक मात्रा में होता है। वनीला की 2-4 बूंदे एक कॉटन बॉल में लेकर उसे अपने दर्द वाले दांतों के बीच रखें और 15 मिनट बाद निकाल लें। इस उपाय को दिन में 2 से 3 बार करने से दांतों के दर्द से राहत मिलती है।

14. व्‍हीटग्रास – यह घास, दांतों के दर्द में काफी राहत देती है। इसमें बैक्‍टीरिया को नष्ट करने के काफी अच्‍छे गुण होते है। इसे पीसकर रस निकाल लें और दर्द वाले दांतों में लगा लें, कुछ देर बाद में गुनगुने पानी से कुल्‍ला कर लें, दर्द से आराम आयेगा।

15. काली मिर्च पाउडर – दांतों में तेज दर्द से आराम के लिए एक चौथाई चम्मच नमक में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर मिलाकर दर्द वाले हिस्से पर लगाए, आपको तुरंत आराम मिलेगा।

आप चाहें तो गर्म पानी से गार्गल भी कर सकते हैं। गर्म पानी से भाप लेने से भी दांतों के दर्द को दूर किया जा सकता है। गार्गल के लिए पानी गर्म करते वक्त उसमें आप हल्का सा नमक भी डाल लें। नमक के संपर्क में आते ही मुंह के जर्म्स, जीवाणु एवं बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं जिसकी वजह से दांत दर्द से तुरंत राहत मिलती है। वास्तव में दांतों से जुड़ी हर समस्या के पीछे हमारा गलत खानपान और रहन-सहन की आधुनिक जीवन शैली है। चाय-कॉफी जैसे बेहद गर्म पेय तथा कोलड्रिक्स जैसे अत्यधिक ठंडे पेय दोनों ही दांतों की जड़ों को कमजोर और खोखला कर देते है। सात्विक, ताजा, प्राकृतिक खानपान और सफाई के प्रति जागरूकता ही हमें दातों की समस्या से स्थाई छुटकार दिला सकती है। ठंडे के बाद गर्म और गर्म के बाद ठंडे का तुरंत सेवन ना करे, इससे दांतों में झंझनाहट की समस्या पैदा हो जाती है। भोजन के बाद अच्छे से कुल्ला जरूर करें।

चीनी का उपयोग बेहद हानिकारक होता है, इससे दांतो में जीवाणु पैदा होते है। चॉकलेट, मिठाई जैसी मीठी चीज़ें दांतों के लिए हानिकारक है। लेकिन कडवे, खट्टे, कसेले स्वाद की चीज़ें दांतों के लिये लाभकारी है। नींबू, आंवला, टमाटर, संतरे का नियमित सेवन लाभकारी है, इन फ़लों मे जीवाणुनाशक तत्व होते है। मसूड़ों से अत्यधिक मात्रा में खून आने पर नींबू का ताजा रस पीना अति लाभकारी है। विटामिन – सी, केल्सियम, आयरन की मात्रा प्रतिदिन उचित मात्रा में लेते रहने से दांत के कई रोग नियंत्रित होंगे और दांत भी मजबूत बनेंगे।

दांतों की समस्या अधिक होने पर अपने चिकित्सक से संपर्क तुरंत करें। इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक से करें। हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। दांतों के संपूर्ण इलाज के लिए आप अपने चिकित्सक से परामर्श ज़रूर करे।

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