गठिया रोग, जोड़ो का दर्द, अर्थराइटिस के नियंत्रण के कुछ घरेलु उपाय

गठिया रोग व जोड़ो का दर्द जिसे अर्थराइटिस भी कहा जाता है। ऐसा नहीं है की ये बीमारी सिर्फ बुजुर्गों में ही है। आजकल की जीवनशैली, मोटापा और ख़राब खानपान की वजह से ये बीमारी कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रही है। वैसे तो इसके होने की कोई ख़ास वजह नहीं है लेकिन इस बीमारी से निजात पाने के लिए हम कई कदम उठा सकते हैं। हम हमारी दैनिक दिनचर्या और खानपान में कुछ बदलाव करके भी गठिया रोग की इस बीमारी से काफी हद तक निजात पा सकते हैं।

अधिक मात्र में पानी पियें – हमारे शरीर में पानी की पर्याप्त मात्र कई बिमारियों से निजात पाने में सहायक हैं। अर्थराइटिस में भी पानी की पर्याप्त मात्र इस बीमारी में बहुत सहायक है। अर्थराइटिस के कारण हमारे जोड़ों में मौजूद उपस्थियां कमजोर होने लगती हैं। ये उपस्थियां 70% पानी से ही बनी होती हैं इसलिए अर्थराइटिस होने पर प्रतिदिन २ लीटर पानी पीना बहुत आवश्यक है जो इन उपस्थियों को तंदुरुस्त रखने में बड़ा सहायक है।

कैल्शियम युक्त आहार लें – अपने दैनिक आहार में कैल्शियम की मात्र बढ़ाएं इसके लिए आप पनीर, दूध, दही, ब्रोकली, मछली, पालक, राजमा, मूंगफली, बादाम और तिल के बीज जैसे कैल्शियम युक्‍त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। विटामिन डी हमारे शरीर में हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है। विटामिन डी के लिए आप सूर्य की धुप में बैठें जो विटामिन डी का एक बेहतर जरिया है।

वजन नियंत्रित रखें – जोड़ो का दर्द ही अर्थराइटिस है जिसमे हमारे शरीर के जोड़ों जैसे घुटने, टखने, कूल्हे इत्यादि में कमजोरी आ जाती है और ये भार सेहन नहीं करने में असक्षम हो जाते हैं, इसके लिए जरुरी है हमारे शरीर का वजन नियंत्रित रखना। एक शोध के मुताबिक शरीर का वजन कम करने से अर्थराइटिस का खतरा भी बहुत कम हो जाता है।

नियमित व्‍यायाम करें – आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जरुरी है की हम व्यायाम करें। व्यायाम करने से हमारे शरीर की मांसपेशियां लचीली बनती हैं और हमारा शरीर भी मजबूत बनता है। व्यायाम का सबसे अहम फायदा ये है की इससे हमारा वजन भी काबू में रहता है जिससे अर्थराइटिस का खतरा भी बहुत कम हो जाता है। प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का व्‍यायाम जरूर करें। लेकिन ध्यान रहे व्यायाम करने से हमारे जोड़ों पर दबाव पड़ता है तो व्यायाम किसी विशेषज्ञ की देखरेख में करें या घर पर हलके व्यायाम करने के लिए आप स्विमिंग, साइ‍क्लिंग और जॉगिंग कर सकते हैं।

योग करें – हलके फुल्के व्यायाम के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं जो हमारे जोड़ों को मजबूत बनाता है और हमारे शरीर में लचीलापन लाता है। वैसे तो सभी तरह के योग हमारे शरीर के लिए अच्छे होते हैं लेकिन योगी की क्रिया और प्रकार की पूरी जानकारी लेकर ही अपने ऊपर इस्तेमाल करें।

जोड़ों की चोट को हल्के में ना लें – अगर आपके जोड़ों में कहीं चोट लग गई है तो उसका सही उपचार करें और अगर चोट थोड़ी गंभीर है तो चिकित्सक को अवश्य दिखाएँ। जोड़ों में लगी चोट भी गठिया रोग का कारण बन सकती है।

धूम्रपान त्यागें – धूम्रपान आज कल का फैशन बन गया है लेकिन धूम्रपान हमारे शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। धूम्रपान हमारे शरीर की हड्डियों को कमजोर करता है। अर्थराइटिस होने पर धूम्रपान छोड़ना अर्थराइटिस के इलाज में काफी सहायक होता है और मरीज में सुधार भी आता है।

शराब त्यागें – अधिक मात्र में शराब का सेवन करना हमारे शरीर और हड्डियों के लिए काफी खतरनाक है। ज्यादा शराब पीने से हमारी हड्डियां कमजोर होती हैं।

हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। अर्थराइटिस के इलाज के लिए आप अपने चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले।

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