एक बाल काटने वाला कैसे बना अरबपति

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अगर हम आपको यह बोले की एक बाल काटने वाला व्यक्ति अरबपति बन गया तो शायद आपको सुनकर झटका लगे। लेकिन यह बात सच है बेंगलुरु के रहने वाले रमेश बाबू बाल काटने का काम करते हैं और इसी की बदौलत वह एक शानो-शौकत वाली जिंदगी जी रहे हैं।

आपको बता दें कि उनके पास 67 कार हैं और यह सभी कार अपनी श्रेणी में उच्चतम है। जब रमेश बाबू 7 वर्ष के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया था उनकी माँ लोगों के घरों में खाना पकाकर उनका पालन पोषण करती थी।

रमेश के पिता चेन्नई में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास बाल काटने की दुकान चलाते थे उनके देहांत के बाद रमेश के चाचा ने वह दुकान ₹5 मासिक किराए पर ले ली थी। रमेश तीन भाई बहन है और रमेश यह बताते हैं कि उस समय पर उनका दैनिक खर्च निकालना भी बहुत मुश्किल था।

रमेश ने अपने घर में हाथ बटाने की सोची और अखबार और दूध बेचना शुरू किया लेकिन इन सबके बीच रमेश की पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी वह बारहवीं में फेल हो गए। उसी दिन उन्होंने तय किया कि वह अपने पिता के काम में हाथ आजमाएंगे।

एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू के अनुसार उन्होंने अपने पिता की दुकान अपने चाचा से वापस लेली और उसे चलाना शुरू किया उन्होंने उस दुकान को एक आधुनिक स्वरूप दिया और कुछ पैसे कमा कर उन्होंने अपनी पहली गाड़ी 2004 में खरीदी।

उन्होंने इस कार को किराये पर देना शुरू किया और धीरे धीरे ट्रांसपोर्ट कंपनी खोल ली आज उनके पास सभी महँगी करें है जिनमे रोल्स रॉयस से लेकर नौ मर्सिडीज, छह बीएमडब्लू, एक जगुआर जैसी महंगी कारें शामिल है।

आपको बता दें की रमेश ने अभी भी बाल काटना नहीं छोड़ा है वो आज भी बाल काटने के लिए 2 घंटे अपनी दुकान पर जाते है। उनके ग्राहकों में अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान तक सभी लोग है।

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