ऐसा चिड़ियाघर जहां जानवरों की जगह इंसान रहते थे

जब भी चिड़ियाघर का जिक्र होता है तो हम सब के दिमाग में एक ऐसी जगह की छवि उत्पन्न होती है जहां पर जानवरों को रखा जाता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे चिड़ियाघर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर जानवरों को नहीं इंसानों को रखा जाता था।

यह बात सुनने में थोड़ी सी अजीब लगती है लेकिन एक समय में ऐसा किया जाता था। बीसवी सदी मैं ऐसा होना असंभव है लेकिन 19 वीं सदी में ऐसा किया जाता था। यूरोप में इस तरीके के कई चिड़ियाघर बनाए गए थे जहां पर इंसानो को कैद करके रखा जाता था। यह बात सोचने में भी रोंगटे खड़े कर देती है लेकिन ऐसा किया जाता था।

यहां पर महिलाओं को कैद रखा जाता था जो कि काले रंग की हुआ करती थी।

इन आदिवासियों की तुलना जानवरों से की जाती थी।

संवेदनशीलता के नाम पर इन लोगों को मात्र उपहास ही मिलता था।

यहां पर मुख्य तौर से महिलाओं को बंदी बनाकर रखा जाता था और उनको नग्न अवस्था में पिंजरे में कैद करके रखा जाता था जिस की प्रदर्शनी लगाई जाती थी।

जर्मनी और इंग्लैंड में मानवों के ऐसे कई चिड़ियाघर बनाए गए थे जिसमें समय-समय पर मनोरंजन के लिए इन लोगों को नचाया भी जाता था।

बच्चों को भी कैदखानों में रखा जाता था और उनकी भी प्रदर्शनी लगाई जाती थी।

जैसे जैसे समय बीतता गया इन चिड़ियाघरों की काफी आलोचना होने लगी और बाद में एक समय इस आया जब इन्हें मानव अधिकारों का उल्लंघन माना गया और इन्हें बंद कर दिया गया।

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