हाइब्रिड बीज क्या है?

हमारे देश में खेती का परंपरागत तरीका ही ज्यादा प्रचलित रहा है और खेती के इस रूप में परंपरागत बीजों का ही इस्तेमाल होता रहा है लेकिन अब बदलते समय की मांग को समझते हुए खेती के तरीके में भी नयापन आने लगा है और अच्छी उपज के लिए ज्यादा अच्छी किस्म के बीजों का इस्तेमाल करना जरूरी समझा जाने लगा इसलिए हाइब्रिड बीजों से खेती करना अब एक चलन और समय की मांग बन गया है। ऐसे में ये जानना बेहतर होगा कि हाइब्रिडाइजेशन क्या होता है और हाइब्रिड बीज क्या है। तो चलिए, आज बात करते हैं खेती में आये इस बदलाव की यानी हाइब्रिड बीज की।

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हाइब्रिडाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें दो पादप या दो अलग-अलग जाति के जन्तुओं में निषेचन कराकर नया पादप या नया जन्तु उत्पन्न किया जाता है। इस प्रक्रिया से उत्पन्न संतान संकर (हाइब्रिड) कहलाती है। संकरण की प्रक्रिया अत्यंत नियंत्रित व विशिष्ट होती है।

संकरण द्वारा उन्नत बीज प्राप्त करने के लिए बहुत सी अनुकूलित परिस्थितियों की आवश्यकता होती है जैसे-

तापमान – फसल की किस्म के अनुसार तापमान अनुकूलित होना चाहिए जैसे टमाटर में दिन का तापमान 21-25 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 15-20 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।

नमी – फल पकने के समय नमी की मात्रा भी सन्तुलित होनी चाहिए जैसे टमाटर में नमी कम ही होनी चाहिए।

किस्म – संकर बीज उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले नर और मादा जनक अच्छी किस्म के होने चाहिए।

किसानों को इस तरह के संकर बीज तैयार करना सिखाने के लिए समय समय पर ट्रेनिंग कैंप लगाए जाते हैं ताकि किसान जल्दी और आसानी से इस नयी विधा को सीख लें और इसका लाभ उठा सके।

खेती में आयी इस लहर का लाभ किसानों ने उठाना शुरु भी कर दिया है और इससे उन्हें फायदा भी होने लगा है, साथ ही अच्छी किस्म की फसल का उत्पादन भी बढ़ने लगा है।

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