ना केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में हर दिन सड़क पर दौड़ने वाले व्हीकल्स की संख्या बढ़ती जा रही है और इसका नतीजा है प्रदूषण, जो ना जाने कितनी ही शारीरिक और मानसिक बीमारियों का कारण बनता जा रहा है। ऐसे में हाइब्रिड कार उन सभी सुविधाओं से युक्त है जिनकी हमें जरुरत है इसलिए आज जानते हैं हाइब्रिड कार क्या है-

Today's Deals on Amazon

हाइब्रिड कार में दो तरह के इंजन होते हैं। इनमें से एक पेट्रोल या डीजल इंजन होता है और दूसरा इलेक्ट्रिक इंजन होता है। इसी टेक्नोलॉजी को हाइब्रिड कहा जाता है और इस तकनीक में दोनों तरह के इंजन कार को पावर सप्लाई करते हैं।

हाइब्रिड कार सामान्य कार से किस तरह अलग है? – सामान्य कारों में जहाँ केवल पेट्रोल या डीजल इंजन ही लगा होता है वहीं हाइब्रिड कार में दो इंजन वाली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है और फ्यूल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर की जॉइंट पावर वाली टेक्नोलॉजी ही इन कारों को हाइब्रिड बनाती है।

सामान्य कार में फ्यूल ख़त्म होने पर कार उसी जगह रुक जाती है जबकि हाइब्रिड कार का फ्यूल खत्म होने पर इसमें लगी इलेक्ट्रिक मोटर कार को कुछ किलोमीटर का सफर आसानी से करवा देती है। हाइब्रिड कार सामान्य कारों की तुलना में 20 से 30% तक फ्यूल बचाती भी है।

हाइब्रिड कार के फायदे-

  • हाइब्रिड कार से प्रदूषण कम होता है।
  • इसका इस्तेमाल करने से फ्यूल की लागत कम होती है जिससे सफर तुलनात्मक रूप से सस्ता हो जाता है।

हाइब्रिड कार के नुकसान-

  • हाइब्रिड कार में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की लाइफ फिलहाल बहुत ज्यादा नहीं होती है।
  • इनकी सर्विस कंपनी के वर्कशॉप पर ही संभव है।
  • इस कार को रिसाइकल करने के तरीके अभी भारत में उपलब्ध नहीं है।

होंडा अकॉर्ड और टोयोटा कैमरी भारत की सबसे फेमस हाइब्रिड कारें मानी जाती है लेकिन इनकी कीमत बहुत अधिक है। मारुति सुजुकी की सियाज और अर्टिगा में माइल्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गयी है जो फ्यूल खपत को कम करने में मदद करती है।

भारत में हाइब्रिड कार का भविष्य – फिलहाल भारत में हाइब्रिड कार का मार्केट तैयार होने में समय लगेगा क्योंकि अभी तक भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने और इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।

“सेब का सिरका के फायदे”