हाइपरटेंशन क्या है?

ब्लड प्रेशर एक सामान्य प्रक्रिया होती है लेकिन जब किसी कारण से ब्लड प्रेशर कम या ज्यादा हो जाता है तो इसे लो या हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। ब्लड प्रेशर के सामान्य रेंज (120/80 mm Hg) से ऊपर जाने को हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है। ब्लड प्रेशर असामान्य रहने की समस्या इतनी ज्यादा बढ़ गयी है कि अब ये समस्या नहीं बल्कि एक साधारण सी बात लगने लगी है लेकिन इसके परिणाम आज भी गंभीर ही होते हैं। हमारी लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों ने ब्लड प्रेशर हाई रहने जैसी हेल्थ प्रॉब्लम को इतना बढ़ा दिया है कि आजकल बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं।

हाइपरटेंशन का असर सीधे मस्तिष्क पर पड़ता है जिससे सिर में तेज दर्द होने के अलावा व्यक्ति की याद्दाश्त भी कमजोर हो सकती है। इसे डिमेंशिया कहते हैं। लम्बे समय तक हाइपरटेंशन रहने पर मस्तिष्क में ब्लड फ्लो भी कम हो जाता है और व्यक्ति के सोचने-समझने की शक्ति घटने लगती है।

ब्लड प्रेशर अगर बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो ब्रेन हैमरेज का रिस्क भी बढ़ जाता है। हाइपरटेंशन ना केवल मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है बल्कि दिल, आँखें और किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है। कम उम्र में हाई ब्लड प्रेशर रहने पर बुढ़ापे में अल्ज़ाइमर होने का ख़तरा 50% तक बढ़ जाता है।

हाइपरटेंशन से बचाव के लिए क्या करें-

  • इसे सामान्य समझने की भूल ना करें
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  • अपनी डाइट में से नमक की थोड़ी मात्रा कम करके हाई बीपी को सामान्य किया जा सकता है।
  • धूम्रपान से दूरी रखें
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल को कण्ट्रोल रखें
  • समय-समय पर बीपी चेक करवाते रहें
  • तनाव को अपने जीवन का अंग ना बनने दें

दोस्तों, ये आसान-सी सावधानियां रखकर आप हाइपरटेंशन जैसे रोग से खुद का बचाव कर सकते हैं और समय रहते ऐसा नहीं करने पर ये हाइपरटेंशन शरीर को बहुत-सी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में ले जा सकता है इसलिए बिना देर किये अपने बीपी को सामान्य रखने के प्रयास तेज कर दीजिये।

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