अगले 10 सालों में भारत में हो सकती है पानी की भारी कमी, जानिए क्यों ?

भारत में कुछ ही सालों में पानी का भारी संकट हो सकता है। अगर एक अंदाज़ा लगाया जाये तो यह स्थिति आपके सामने 2025 तक आ जाएगी। ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योँकि भारत में पानी की मांग बहुत बढ़ गयी है जबकि पानी की सप्लाई इतनी नहीं है।

एक अनुसन्धान के अनुसार यह बताया गया है की भारत में अभी पानी की स्थति को पूर्ण रूप से विश्लेषित करने के लिए करीब 13 बिलियन के निवेश की जरूरत है। इस अनुसन्धान में यह भी पाया गया की सर्विस सेक्टर में बढ़ी आय के कारण भी ऐसा हुआ है और लोगों की उपभोग की मात्रा भी काफी अधिक बढ़ गयी है।

भारत में करीं 70% सिंचाई और 80% घरेलु पानी का उपयोग धरती से पानी को लेकर किया जाता है जिसकी वजह से ग्राउंड वाटर लेवल गिरता चला जा रहा है।

ऐसा नहीं है की दुसरे देश इसमें हमारी मदद नहीं कर रहे हैं। जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, चीन जैसे देश इसमें भारत की मदद कर रहे हैं। और यह माना जा रहा है की आने वाले वर्षों में 18000 करोड़ रूपये इस स्थिति से उबरने में लगाये जायेंगे।

यह कयास लगाये जा रहे हैं की 2020 तक पानी को रीसायकल करने के सारे इंतज़ाम कर लिए जायेंगे। मगर इसमें आम आदमी का पूर्ण सहयोग चाहिए क्योंकि अगर हम लोग पानी बर्बाद करते रहेंगे तो कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती है। तो शायद अब वो समय आ गया है जब हम सबको यह समझ लेना चाहिए की पानी एक बार बर्बाद हो गया तो वापस नहीं आ पायेगा।

इसीलिए चलिए आज से ही हम सब यह प्रण लें की पानी की बर्बादी नहीं करेंगे।