भारत में बढ़ी है धूम्रपान करने वालों की संख्या

यह बहुत ही चिंता जनक है की पिछले 17 साल में भारत में धूम्रपान करने वालों की संख्या में 108 मिलियन की वृद्धि हुई है। एक भारतीय अनुसन्धान में यह पाया गया की सिगरेट ने आम तम्बाकू के पदार्थों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान बना लिया है।

इस अनुसन्धान में यह पाया गया की तम्बाकू का सबसे अधिक उपयोग करने वालों में 15-69 वर्ष के लोग हैं जिनमें से 1.7 मिलियन पुरुष हैं। अगर 2010 के आकड़ों पर नज़र डाली जाये तो यह पाया गया की करीब 10% मौतें सिगरेट का सेवन करने से हुई।

इस संख्या में बढ़ोतरी का कारण बढ़ती जनसंख्या और युवा वर्ग का नशे के प्रति आकर्षण भी है। सिगरेट ने जहाँ भारत में सस्ते नशों में सबसे अहम स्थान ले लिया है वहीं दूसरी तरफ इसकी लत युवा वर्ग को बर्बाद भी कर रही है।

सिगरेट से कई जानलेवा बीमारियां हो जाती है सिगरेट न ही सिर्फ पीने वाले को अथवा साथ में खड़े लोगों को भी प्रभावित करती है। अब शायद वक़्त आ गया है जब हम सभी को इस विषय पर गंभीरता से सोचना चाहिए क्योँकि यह एक धीमा ज़हर है जो हमारी युवा पीढ़ी को अंदर ही अंदर खाए जा रहा है।

तो आइये हम सब मिलकर यह प्रण लें की ना तो हम सिगरेट पिएंगे और न ही किसी को इसका सेवन करने देंगे।

अगर आप किसी विषय के विशेषज्ञ हैं और उस विषय पर अच्छे से लिख सकते हैं तो जागरूक पर जरुर शेयर करें। आप अपने लिखे हुए लेख को info@jagruk.in पर भेज सकते हैं। आपके लेख को आपके नाम, विवरण और फोटो के साथ जागरूक पर प्रकाशित किया जाएगा।
शेयर करें

रोचक जानकारियों के लिए सब्सक्राइब करें

Add a comment