भारतीय जांबाज महिलाएं जिनके नाम से अंग्रेज कांपते थे

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हर भारतीय ने अपना योगदान दिया और इस योगदान में महिलाएं भी पीछे नहीं रही इसीलिए आज हम आपको भारत की एक ऐसी ही महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके नाम से ही अंग्रेज काटने लग जाते थे।

लक्ष्मी सहगल – नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज की एक अधिकारी लक्ष्मी सहगल जिनका जन्म 14 अक्टूबर 1914 को हुआ था। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक अहम भूमिका निभाई लक्ष्मी सहगल अपने पेशे से एक डॉक्टर थी और दूसरे विश्वयुद्ध के समय वहां भूमिका में आई। आपको बता दें कि लक्ष्मी सहगल आजाद हिंद फौज मैं रानी लक्ष्मी रेजिमेंट की कमांडर थी और उसके बाद 1945 में बनाई आजाद हिंद सरकार में लक्ष्मी सहगल पहली कैबिनेट मंत्री थी। 23 जुलाई 2012 को लक्ष्मी सहगल का स्वर्गवास स्वर्गवास हो गया।

रानी चेन्नम्मा – रानी चेनम्मा का जन्म 1778 में हुआ था। आपको बता दें कि वह कित्तूर नामक जगह की रानी थी और उन्होंने अंग्रेजों की नीतियों का विरोध करते हुए अंग्रेजो के खिलाफ युद्ध भी लड़ा था। वह पहली महिला थी जिन्होंने अपने क्षेत्र से अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाई थी उनकी मृत्यु 1829 में हो गई।

रानी लक्ष्मीबाई – रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 1835 में हुआ था और यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि उनका दबदबा अंग्रेजों में कैसा था। वह झांसी की रानी थी और पहले स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने हिस्सा लिया एवं अंग्रेजो के खिलाफ संघर्ष किया। 1858 में अंग्रेजो के खिलाफ लड़ते हुए वह वीरगति को प्राप्त हुई।

भारत की इन सभी वीरांगनाओं को हमारा सलाम इन्होंने जो हमारी आजादी के लिए किया वह अतुलनीय है भारत इन के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा।

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