भारत की पहली न्यूक्लियर सबमरीन INS अरिहंत है तैयार, जानिए क्या है ख़ास

भारत ने अपनी न्यूक्लियर शक्ति को और बढ़ाते हुए भारतीय नौसेना में एक नयी पनडुब्बी को शामिल किया है जिसका नाम INS अरिहंत । नौसेना के अनुसार इस पनडुब्बी के ऊपर सारे क्वालिटी चेक के बाद अब वक़्त आ गया है की इसे नौसेना में शामिल कर लिया जाये।

INS अरिहंत पांच न्यूक्लियर पनडुब्बियों की खेप की पहली पनडुब्बी है। इस पनडुब्बी को विशाखापटनम में बनाया गया है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है मगर इस सपने को साकार करने में काफी वक़्त लग गया। इस पनडुब्बी को सबसे पहले 1970 में सेंक्शन किया गया था। मगर इस प्रोजेक्ट को 1980 में पास किया गया। इस पनडुब्बी पर काम 1998 में शुरू हुआ। इस पनडुब्बी की पहली झलक 2009 में देखने को मिली थी इसके बाद इस पनडुब्बी को परमाणु हथियारों से लैस किया गया।

चलिए आपको इस पनडुब्बी के बारे में कुछ ऐसी बातें बताते हैं जो आपको जान लेनी चाहिए।

1. INS अरिहंत 104 मीटर लम्बी, 10 मीटर चौड़ी और इसका वजन 6000 टन है।
2. इस पनडुब्बी के लिए 85 MW का परमाणु रिएक्टर कलपक्कम में तैयार किया गया था।
3. इस सबमरीन को विशाखापटनम में बनाया गया है।
4. यह पानी के ऊपर 24 किलोमीटर की गति से चल सकती है जबकि पानी के अंदर यह 44 किलोमीटर की रफ़्तार से चलती है।
5. इस पनडुब्बी को चलाने के लिए 95 लोगों की जरूरत पड़ती है।
6. इस पनडुब्बी पर कई प्रकार के हथियार लगाये गए हैं जो दुश्मन के दन्त खट्टे करने में सक्षम है।

इसके बाद भी कई और पनडुब्बियों पर कार्य शुरू हो गया है जो आने वाले समय में भारतीय नौसेना में शामिल हो जाएँगी।

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