आइये जानते हैं इन्द्रधनुष क्यों दिखाई देता है। अगर आपको भी रंग और बरसात दोनों बहुत पसंद है तो बारिश के दिनों में इंद्रधनुष देखकर आपकी ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहता होगा।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतने सारे रंगों वाला इंद्रधनुष बनता कैसे है। तो चलिए जागरूक पर आज जानते हैं इन्द्रधनुष क्यों दिखाई देता है।

इन्द्रधनुष क्यों दिखाई देता है? 1

इन्द्रधनुष क्यों दिखाई देता है?

जिस सूर्य के प्रकाश को हम सफेद समझा करते हैं, असल में वो सात अलग-अलग रंगों से मिलकर बना होता है जिसे प्रिज्म की मदद से देखा भी जा सकता है।

इंद्रधनुष बनने में बारिश की छोटी बूंदों का बहुत बड़ा हाथ होता है क्योंकि ये बूंदें प्रिज्म की तरह काम करती हैं। एक छोटी सी बून्द में दो सतह होती हैं।

सूर्य का प्रकाश जब बून्द के अंदर प्रवेश करता है तो पहली सतह से टकराकर थोड़ा झुक जाता है। ऐसा होने पर सूरज के प्रकाश में मौजूद सातों रंग बून्द में प्रवेश के बाद झुक जाते हैं और दिखाई देने लगते हैं।

इसके बाद जब सूर्य के प्रकाश में अलग-अलग हो चुके रंग दूसरी सतह से बाहर निकलते हैं तो फिर से थोड़ा-थोड़ा झुक जाते हैं। ऐसे में एक रंग की पट्टी दूसरे रंग से अलग हो जाती है और इस तरह दो बार झुकने के कारण ही आसमान में हमें रंगीन धनुष जैसी आकृति दिखाई देने लगती है जिसे हम इंद्रधनुष कहते हैं।

इंद्रधनुष में दिखाई देने वाले रंग बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल (VIBGYOR) होते हैं जो एक निश्चित क्रम में दिखते हैं। लाल रंग का प्रकाश कम मुड़ता है इसलिए इंद्रधनुष में सबसे ऊपर दिखाई देता है जबकि बैंगनी रंग का प्रकाश ज्यादा मुड़ता है इसलिए इंद्रधनुष में सबसे नीचे होता है।

बारिश की बूंदों पर गिरने वाली सूरज की किरणों का दो बार अपवर्तन और एक बार परावर्तन होने पर इंद्रधनुष बनता है। इसे प्राथमिक इंद्रधनुष भी कहते हैं।

कई बार आसमान में एक की बजाए दो इंद्रधनुष दिखाई देते हैं। ऐसा तब होता है जब एक ही जगह मौजूद बूंदें बार-बार धूप के संपर्क में आ जाती हैं।

ऐसे में पहले इंद्रधनुष से निकली रंगीन रोशनी जैसे ही सफेद प्रकाश में बदलती है वैसे ही उसका संपर्क दूसरी बूंदों से हो जाता है और फिर प्रकाश अलग-अलग रंगों में बिखर जाता है लेकिन उसके रंग का क्रम उलटा हो जाता है। इसे द्वितीयक इंद्रधनुष कहा जाता है।

इस तरह के इंद्रधनुष का निर्माण तब होता है जब बारिश की बूंदों पर गिरने वाली सूरज की किरणों का दो बार अपवर्तन और दो बार परावर्तन होता है। द्वितीयक इंद्रधनुष पहले बनने वाले इंद्रधनुष (प्राथमिक इंद्रधनुष) की तुलना में थोड़ा धुँधला दिखाई देता है।

उम्मीद है जागरूक पर इन्द्रधनुष क्यों दिखाई देता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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