भारत से पूरी दुनिया में होते हैं बाल निर्यात

गंजापन पूरे विश्व में कई लोगों को परेशान कर रहा है इसके लिए लोग कई प्रकार की दवाइयां और नुस्खे भी आजमाते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जो बालों का विग लगाते हैं लेकिन क्या आप यह बात जानते हैं कि बाजारों में मिलने वाला यह विग कहां से आता है। क्या आपको यह बात मालूम है कि यह भी कहां बनते हैं? तो चलिए आज हम आपको इनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे हैं सुनने में यह बातें थोड़ी सी अजीब लगेंगे लेकिन यह पूर्ण रूप से सच है और आप यह बात जानकर हैरत में पड़ जाएंगे कि भारत बालों का सबसे बड़ा विक्रेता है।

दक्षिण भारत के तिरुमाला मंदिर में लोग श्रद्धा के नाम पर अपने बाल मुंडवा ते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का यह कहना है कि बाल मुंडवाने के पीछे उनकी मनोकामना का पूरा होना होता है। आम तौर पर हिंदू धर्म के रीति रिवाजों में बच्चे और पुरुषों के ही बाल उतारे जाते हैं लेकिन तिरूमाला मंदिर में महिलाओं के भी बाल उतारे जाते हैं। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि दक्षिण भारत में कई ऐसे मंदिर है जहां पर बालों का मुंडन किया जाता है और करीबन 20000 लोग प्रतिदिन अपने बालों का दान करते हैं और महिलाओं द्वारा दिए जाने वाले बाल विग सबसे ज्यादा उपयुक्त माने जाते हैं।

अगर आप यह सोच रहे हैं कि इन बालों का क्या होता है? तो आपको बता दें कि तिरुपति और तिरुमाला मंदिर प्रशासन बालों को बेच देता है। यह बाल हेयर ड्रेसिंग से जुड़े मझोले कारोबारी खरीद लेते हैं और इन बालों को धोने के बाद रंग करने के लिए सुखा दिया जाता है। धुलाई रंगाई और सुखाई के बाद इन बालों को अच्छे से सुलझाया जाता है और मशीनों के द्वारा एवं कंगी की मदद से इन बालों को अच्छी तरह से ड्रेस और डिजाइन किया जाता है। विदेशी ग्राहकों को इस प्रकार के विग बेचे जाते हैं इन विगो में काले, लाल, सुनहरी, घुंगराले सीधे बालों की मांग सबसे अधिक है। 2015 में भारत में दो हजार करोड़ रुपए के बाल बेचे थे।

भारतीय बालों का बाजार पूरे विश्व में फैला हुआ है। मुख्य तौर पर बालों की डिमांड यूरोप, अफ्रीका दक्षिण अमेरिका और कनाडा में बहुत ज्यादा है। बालों के विग के अलावा नकली दाढ़ी नकली मूछें भी इन बालों के द्वारा बनाई जाती है। हम आशा करते हैं यह जानकारी आपको रोचक लगी होगी और आप इसे अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करेंगे।