भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े कुछ अनसुने रोचक तथ्य

आज हम आपको भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं वह शायद आपको नहीं पता होंगे। भारत जैसे विकासशील देश में इसरो ने वह करके दिखाया है जो किसी अन्य देश के बस की बात नहीं थी। तो चलिए इन रोचक तथ्यों को विस्तार पूर्वक जानते हैं।

1. इसरो का फुल फॉर्म होता है इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन और इसका हेड क्वार्टर बेंगलुरु में स्थित है। यह विभाग प्रधानमंत्री को सीधे रिपोर्ट भेजता है और भारत में इसरो के कुल 13 सेंटर्स है।

2. इसरो की स्थापना डॉक्टर विक्रम साराभाई ने 1959 में की थी और विक्रम साराभाई को ही भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है।

3. अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान और चीन समेत भारत उन देशो में आता है जो अपनी भूमि पर सेटेलाइट बनाने और उसे लांच करने में पूर्ण रुप से सक्षम है।

4. इसरो ने अब तक 86 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं और अभी तक इसरो ने 21 अलग देशों के लिए 79 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं।

5. शुरुआती दिनों में भारतीय वैज्ञानिक हर रोज तिरूवंतपूरम से बसों में आते थे और रेलवे स्टेशन से दोपहर का खाना खाया करते थे। उस समय में रॉकेट के हिस्सों को साइकिल पर यहां लाया जाता था।

6. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा जो पहला उपग्रह भेजा गया था उसका नाम आर्यभट्ट था इसे 19 अप्रैल 1975 को रूस की सहायता से लॉन्च किया गया था।

7. इसरो ने गूगल अर्थ का देसी वर्जन भवन भी बनाया है यह वेब आधारित 3D सैटेलाइट इमेज टूल है।

8. अगर आप यह मान रहे हैं कि इसरो एक छोटी संस्था है तो आपको बता दें कि इसरो ने पिछले साल 14 अरब रुपए की कमाई की थी।

“साँपों से जुड़े अनसुने रोचक तथ्य”