नागा साधुओं से जुड़े रोचक तथ्य

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नागा साधुओं का जीवन हमेशा से ही रहस्य में ही रहा है और भारत में कुल 13 से खड़े हैं जहां पर इस प्रकार के संयासी रहते हैं। मूल तौर पर यह सन्यासी हिमालय की तलहटी में रहते हैं और यह कहां से आते हैं और कहां जाते हैं इस बारे में कोई नहीं जानता। लेकिन आज हम आपको नागा साधुओं से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य बताएंगे वह शायद आप नहीं जानते होंगे।

1. जो व्यक्ति नागा साधु बनना चाहता है उसे अखाड़े में प्रवेश करना होता है पूर्ण रूप से ब्रह्मचार्य जीवन का पालन करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में 6 से लेकर 12 साल तक का समय लगता है। जब अखाड़े के गुरु यह समझते हैं कि अब वह दीक्षा लायक हो गए हैं तो अगली प्रक्रिया की शुरुआत की जाती है।

2. इस प्रक्रिया के दौरान इन्हें ध्वज के नीचे 24 घंटे बिना वस्त्र के खड़ा होना पड़ता है इसके बाद वरिष्ठ साधु एक प्रक्रिया के दौरान इन्हें नपुंसक बना देते हैं। इसके बाद नागा साधु दिगंबर साधु बन जाते हैं।

3. ऐसा नहीं है कि पुरुष ही नागा साधु बनते हैं महिलाएं भी नागा साधु बनती हैं और खासकर विदेशी महिलाएं इसमें ज्यादा रुचि दिखाती हैं।

4. नागा साधू बनने के लिए व्यक्ति को पहले बाल कटवाने पड़ते हैं फिर गंगा में 108 डुबकियां लगानी पड़ती हैं। इसके बाद उस व्यक्ति के पांच ग्रुप बनाए जाते हैं और वह व्यक्ति परिवार और समाज के लिए मृत मान लिया जाता है। इस व्यक्ति का श्रद्धा क्रम पूरा कर दिया जाता है यहां तक कि पिंडदान भी हो जाता है।

5. नागा साधू बनने के लिए वस्तुओं का त्याग करना पड़ता है अगर किसी परिस्थिति में वस्त्र पहने भी पड़े तो सिर्फ गेरुआ रंग के कपड़े ही पहने जा सकते हैं।

6. नागा साधू खाट पलंग या गद्दे का इस्तेमाल नहीं कर सकते वह केवल जमीन पर ही सोते हैं।

7. नागा साधू हमेशा बस्ती से दूर ही अपना निवास स्थान बनाते हैं यह लोग संंयासी को छोड़कर किसी को प्रणाम नहीं कर सकते और ना ही किसी की निंदा करते हैं।

8. अक्सर नागा साधुओं को कुंभ मेले में देखा जाता है और जैसे ही कुंभ मेला खत्म होता है यह लोग रातो रात गायब हो जाते हैं यह लोग जंगल के रास्ते अपना सफर पूरा करते हैं।

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