फतवा जारी करने का मतलब क्या होता है इस्लाम में?

आइये जानते हैं फतवा जारी करने का मतलब क्या होता है इस्लाम में? किसी व्यक्ति के खिलाफ फतवा जारी करने जैसी कई ख़बरें आपने अख़बार में पढ़ी होंगी जिनमें सोनू निगम जैसे गायक पर भी फतवा जारी किया गया और कभी युवा गायिका के खिलाफ भी फतवा जारी हुआ।

ऐसे में आप ये ज़रूर जानना चाहेंगे कि फतवा क्या होता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि फतवा क्या होता है।

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फतवा जारी करने का मतलब क्या होता है इस्लाम में?

फतवा अरबी का लफ्ज़ है जिसका अर्थ है मुस्लिम कानून के अनुसार किसी निर्णय पर दी जाने वाली राय। इस्लाम से जुड़े किसी मसले पर कुरान और हदीस की रोशनी में जो हुक्म जारी किया जाता है उसे फतवा कहते हैं।

इस्लाम के अनुसार पैगम्बर मोहम्मद ने अपना जीवन जिस प्रकार व्यतीत किया उसकी प्रामाणिक मिसालें हदीस कहलाती हैं।

ऐसा सोचा जाता है कि हर मौलवी या इमाम फ़तवा जारी कर सकता है लेकिन ऐसा नहीं होता है। फतवा कोई मुफ़्ती ही जारी कर सकता है क्योंकि मुफ़्ती बनने के लिए शरिया कानून, कुरान और हदीस की गहन जानकारी रखना जरुरी होता है।

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ऐसा माना जाता है कि उन देशों में फतवे का प्रभाव ज़्यादा हो सकता है जहाँ शरिया कानून चलता है। ऐसे देशों में जारी किया गया फतवा लोगों की ज़िन्दगी पर असर डाल सकता है क्योंकि वहां फतवे को कानूनन लागू कराया जा सकता है।

भारत जैसे देश में इस्लामी कानून को लागू करवाने की कोई व्यवस्था नहीं हैं इसलिए यहाँ इसे लागू नहीं किया जा सकता और इसे किसी मसले पर मुफ़्ती की राय माना जा सकता है।

उम्मीद है जागरूक पर फतवा जारी करने का मतलब क्या होता है इस्लाम में कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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