अलीबाबा के संस्थापक जैक मा की सफलता का राज

अगर आप असफल होने से डरते हैं या बहुत सारी कोशिशें करने के बाद भी आप सफल नहीं हो पा रहे हैं तो ऐसे में हार मान लेने से पहले एक ऐसे शख्स के बारे में ज़रूर जानिये जो हमारे लिए एक मिसाल है और ये शख्स है चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के संस्थापक जैक मा, जिन्होंने बहुत सारी मुश्किलों का सामना करते हुए इतना बड़ा मुकाम बना लिया कि आज वो चीन के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं। ऐसे में जैक मा के जीवन के बारे में जानकर आप ज़रूर प्रेरित महसूस करेंगे। तो चलिए, आज आपको बताते हैं जैक मा की सफलता से जुड़े राज-

जैक मा का जुनून, लगातार कोशिश करते रहने की धुन और हार नहीं मानने का इरादा ही उनकी सफलता का राज़ है। जैक मा अपने स्कूल के दिनों में पांच बार फेल हुए और 13 साल की उम्र में उन्होंने अंग्रेजी सीखना शुरू कर दिया। चीन में ऐसा करने वाले लोग काफी कम हुआ करते हैं। ख़ास बात ये है कि जैक मा ने अंग्रेजी सीखने के लिए किसी ट्यूटर की मदद लेने की बजाये टूरिस्ट गाइड बनने का रास्ता चुना और टूरिस्टों को घुमाते हुए अंग्रेज़ी बोलना शुरू कर दिया। 9 साल तक इस काम को करते हुए उन्होंने अंग्रेजी भाषा सीखी और साथ ही वेस्टर्न कल्चर को भी बारीकी से जाना।

उन्हें अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी ने एडमिशन देने से करीब 10 बार इंकार किया और अपना कॉलेज पूरा कर लेने के बाद जब जैक मा ने 30 कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाई किया तो उन्हें हर जगह से रिजेक्शन ही मिला। यहाँ तक कि केएफसी में भी उन्हें नौकरी नहीं मिल पायी। ऐसे में कोई भी इंसान निराश हो सकता है लेकिन जैक मा ने हार नहीं मानी और उनके इसी जज़्बे की बदौलत आज उनके पास करीब 1,300 अरब रुपये की संपत्ति है।

जैक मा की कंपनी अलीबाबा के शुरुआती दिनों में, इस कंपनी में केवल 18 लोग काम करते थे और इस कंपनी के शुरुआती 3 साल मुश्किल भरे थे लेकिन ऐसे हालातों में भी जैक मा ने संयम नहीं खोया और अपने काम में जुटे रहे, जिसका नतीजा आज सबके सामने हैं। आज करीब 22 हजार लोग इस कंपनी में काम करते हैं।

एक दौर ऐसा था जब जैक मा को कोई भी कंपनी काम नहीं देना चाहती थी और आज जैक मा की कंपनी दुनियाभर की 190 कंपनियों से जुड़ी हुयी है।

आइये, अब आपको बताते हैं जैक मा के बताये हुए ऐसे टिप्स, जो एंटरप्रेन्योर बनने का सपना देखने वालों के लिए बेहतरीन गाइड लाइन साबित हो सकते हैं –

  • कोई भी ग़लती आपके लिए एक शानदार रिवेन्यू है।
  • 20 साल की उम्र तक एक अच्छे स्टूडेंट बनो।
  • 25 साल की उम्र तक बहुत-सी गलतियां करो। बार-बार गिरकर उठो, लाइफ के इस शो को एन्जॉय करो।
  • 30 साल की उम्र तक किसी को फॉलो करो, छोटी कंपनी में काम करो, बड़ी कंपनी में प्रोसेसिंग सीखो। ऐसा करते हुए आप कई काम एकसाथ करना सीखेंगे। एक अच्छे बॉस को फॉलो करना आपके लिए फायदेमन्द होगा।
  • एक सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए 30 से 40 साल की उम्र में खुद के लिए काम करो।
  • जब आप 40 से 50 साल की उम्र में रहे तब आपको उन चीज़ों पर काम करना चाहिए जिसमें आप दक्ष हों। नयी चीज़ें आज़माने की बजाये उन चीज़ों पर फोकस करें जिनमें आप एक्सपर्ट हो।
  • 50 से 60 साल की उम्र तक आपको युवा लोगों के लिए काम करना चाहिए। युवाओं में विश्वास रखते हुए, उनमें निवेश करें।
  • 60 साल की उम्र के बाद खुद को समय देना चाहिए।

दोस्तों, जैक मा की सफलता और उनके सफर से आप ये तो जान चुके हैं कि असफलता और रिजेक्शन का हर कदम पर सामना करने वाले जैक मा ने प्रयास करना नहीं छोड़ा और अपने लिए एक बहुत ऊँचा मुकाम बना ही लिया। ऐसे में आप समझ ही गए होंगे कि हर आम आदमी ख़ास होता है और हर किसी के पास वो मुकाम आ सकता है, जैसा आज जैक मा के पास है। जरुरत है तो बस सच्ची नीयत और मजबूत इरादों की।

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