जयपुर गुलाबी नगरी (पिंक सिटी) के नाम से क्यों जाना जाता है?

दिसम्बर 30, 2017

राजस्थान की राजधानी जयपुर, भारत का एक खूबसूरत और आकर्षक शहर है जो अपनी कला-संस्कृति, वास्तुकला, वस्त्र और आभूषणों के लिए विशेष पहचान रखता है और ये शहर पर्यटकों के पसंदीदा स्थानों में से एक है। ये खूबसूरत शहर देश-विदेश में गुलाबी नगर के नाम से भी जाना जाता है लेकिन इस गुलाबी रंग का अपना एक इतिहास है। तो आइये आज आपको बताते हैं की आखिर जयपुर को गुलाबी नगरी या पिंक सिटी का दर्जा कैसे मिला और इसके पीछे क्या कारण था।

जयपुर की स्थापना के 100 साल से भी ज़्यादा साल बीत जाने के बाद जयपुर को गुलाबी नगर की संज्ञा दी गयी। इससे पहले जयपुर शहर का रंग पीला और सफेद हुआ करता था और इसे केवल जयपुर ही कहा जाता था। सवाई जयसिंह ने इस शहर की स्थापना की थी इसलिए इस शहर को जयपुर नाम दिया गया था। 1818 में ईस्ट इंडिया कंपनी से संधि करने के बाद जयपुर में आधुनिक बदलावों की शुरुआत हुयी।

pinkcity जयपुर गुलाबी नगरी (पिंक सिटी) के नाम से क्यों जाना जाता है?

1876 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज अल्बर्ट के जयपुर आगमन पर, उनके स्वागत के लिए पूरे शहर को सजाया गया और गुलाबी रंग मेहमानों के स्वागत को दर्शाता है इसलिए महाराजा सवाई रामसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंगा दिया। उसके बाद से जयपुर शहर गुलाबी नगर कहलाने लगा। कहा जाता है कि जयपुर की ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण में गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था इसलिए भी जयपुर को गुलाबी नगरी कहा जाता है।

आपको यह लेख कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

“भारत का फ्रांस कहलाता है ये खूबसूरत शहर”
“भारत का सबसे अनोखा शहर जहाँ न धर्म है न पैसा और न सरकार”
“रहने के लिहाज से बेस्ट हैं ये भारत के 10 शहर”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें