दिन में सोना अच्छा है या नहीं?

शास्त्रों और आयुर्वेद में दिन का समय काम करने के लिए और रात का समय सोने के लिए माना गया है और ज्यादातर लोग ऐसा ही करते हैं। लेकिन जिन लोगों की रात की ड्यूटी होती है उन लोगों को मजबूरन रात में जागना पड़ता है और दिन में सोना पड़ता है जबकि कुछ लोग आदतन दिन में सोते हैं। लेकिन दिन में सोना शास्त्रों और आयुर्वेद दोनों में ही अनुचित माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार दिन में सोने से हमारा शरीर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से घिर जाता है। तो आइये जानते हैं दिन में सोने के क्या नुकसान हो सकते हैं।

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दिन के समय सोने से पाचन तंत्र पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और इससे पाचन क्रिया सही नहीं रहती जिससे खाना सही तरीके से नहीं पचता। ऐसे में पेट से जुड़े कई गंभीर रोग हो सकते हैं जैसे जैसे- कब्ज, गैस, अपच आदि इसके अलावा दिन में सोने से मोटापे की शिकायत भी बढ़ सकती है। दिन में कुछ देर आराम करना नुकसानदायक नहीं है लेकिन दिन में खाना खाकर लम्बे समय तक गहरी नींद लेने से कई रोग हो सकते हैं खासतौर पर पेट से जुड़े रोग।

दिन में सोने से बुखार, मोटापा, गले से जुडी समस्याएं, याददाश्त कमजोर होना, त्वचा से जुड़े रोग, शरीर के अंगों में सूजन और, अपच आदि समस्याएं होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। दिन में सोने से आलस्य भी बढ़ता है। इसके अलावा दिन में सोने के पीछे धार्मिक मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है की दिन में सोने वाले लोगों के घर में लक्ष्मी जी का वास नहीं रहता और उसके घर में गरीबी बनी रहती है।

इन लोगों के लिए दिन में सोना है अच्छा – कुछ लोगों के लिए दिन में थोड़ा आराम करना भी अच्छा होता है जैसे की विद्यार्थियों के लिए जो लगातार कई घंटों तक पढ़ते हैं उन्हें आराम के लिए थोड़ी देर दिन में सोना फायदेमंद होता है। बुजुर्गों के लिए भी शरीर और मस्तिष्क को आराम देने के लिए दिन में सोना बेहतर है। इसके अलावा तनाव और दुखी लोगों के लिए भी दिन में सोना उचित होता है इससे दिमाग को शांति मिलती है। जिन्हे ज्यादा गुस्सा आता है उनके लिए भी दिन में सोना फायदेमंद है इससे दिमाग शांत बना रहता है। जो लोग कड़ी शारीरिक मेहनत और मजदूरी करते हैं उनके शरीर को आराम के लिए भी दिन में सोना अच्छा होता है।

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