जानिए किस तरह होगी अंतरिक्ष के मलबे की सफाई ?

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इंसानों द्वारा पृथ्वी की कक्षा में भेजे जाने वाले कई उपग्रह वहां नष्ट हो जाते हैं और फिर वहां उनके छोटे छोटे टुकड़े कचरे बनकर रह जाते हैं। इंसानों द्वारा आज तक लगभग 7,000 उपग्रह पृथ्वी की कक्षा में भेजे जा चुके हैं जिनमे से दो तिहाई वहीँ नष्ट हो चुके हैं। लेकिन अब सवाल ये उठता है की पृथ्वी की कक्षा में फैले इस कचरे से कैसे निपटा जाये और कैसे होगी इनकी सफाई।

टक्कर का खतरा
पृथ्वी की कक्षा में सैटेलाइटों के टकराने से बना मलबा करीब 40,000 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से घूमता है जो की काफी खतरनाक साबित हो सकता है।

वायुमंडल को खतरा
अंतरिक्ष में घूमता कचरा सिर्फ वहां के लिए ही नहीं बल्कि हमारे वायुमंडल के लिए भी काफी खतरनाक हो सकता है। अगर कोई बड़ा टुकड़ा पूरी तरह नष्ट हुए बिना हमारे वायुमंडल में प्रवेश कर जाये तो धरती पर काफी तबाही मचा सकता है।

धरती पर गिरे मलबे
घरती पर कई बार अंतरिक्ष के बड़े मलबे आकर गिरे हैं लेकिन राहत की बात ये रही की इनसे आज तक कोई भारी नुक्सान नहीं हुआ।

कैसे हो सफाई
अंतरिक्ष में मौजूद मलबे की सफाई एक बड़ी चुनौती बन गया है और इसके लिए कई नए तरीके खोजे जा रहे हैं।
फिलहाल अंतरिक्ष के मलबे को सेटेलाइट से टकराने से बचाने के लिए गारबेज रोबोट तैयार किया जा रहा है जो अंतरिक्ष से सैटेलाइट को पकड़ कर वापस धरती पर लाने का काम करेगा। अगर सब कुछ सफल रहा तो यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ईएसए वर्ष 2023 में इस रोबोट को लॉन्च कर देगी।

अंतरिक्ष में ही भस्म करने की तैयारी
गारबेज रोबोट के अलावा अंतरिक्ष के कचरे को नष्ट करने का दूसरा विकल्प सोचा जा रहा है और वो ये की अंतरिक्ष के कचरे को वहीँ जला कर नष्ट कर दिया जाये इसके लिए जर्मनी की अंतरिक्ष एजेंसी डीएलआर एक लेजर तकनीक विकसित करने में जुटी है ताकि लेजर शॉट से वहां के मलबे को वहीँ जला कर नष्ट कर दिया जाये।

जाल और लैसो इलेक्ट्रिक
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी अंतरिक्ष के कचरे को नष्ट करने के लिए एक इलेक्ट्रो नेट तैयार कर रही है जिससे वहां के कचरे को नेट में बांधकर धरती के वायुमंडल में लाया जा सके इससे कुछ कचरा तो वायुमंडल में ही जलकर नष्ट हो जायेगा तो कुछ धरती पर नष्ट कर दिया जायेगा। हालाँकि इस पर अभी पूरा काम किया जाना बाकी है।

इलेक्ट्रोडायनैमिक सुरंग
जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा एक इलेक्ट्रोडायनैमिक सुरंग तैयार करने में जुटी है जो करीब 700 मीटर लंबी और स्टेनलैस स्टील और एल्युमीनियम से बनी होगी। ये सुरंग अंतरिक्ष के मलबे की रफ़्तार को धीमा कर उसे धीरे धीरे पृथ्वी के वायुमंडल की तरफ लेकर आएगी।

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