फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है?

आइये जानते हैं फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है। आजकल ज्यादातर ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति और उन्होंने कितने घंटे काम किया इसका रिकॉर्ड रखने के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर (बायोमेट्रिक मशीन) लगाई जाती है।

कर्मचारियों को प्रतिदिन ऑफिस आने और जाने के समय इस पर अपना अंगूठा रखना होता है और ये मशीन आपका अंगूठा पहचानकर आपके काम करने और छुट्टियों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज कर लेती है। लेकिन क्या आपको पता है ये फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है? आइये जानते हैं ये फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे करता है कर्मचारियों की पहचान।

फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है? 1

फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है?

दरअसल सबसे पहले इस फिंगरप्रिंट स्कैनर पर कर्मचारी का अंगूठा या अंगुली लगाई जाती है जिसे ये मशीन दर्ज कर लेती है और फिर अगली बार से इस पर लगाई गई अंगुली की रेखाओं के जरिये ये मशीन अपने डाटा में दर्ज सभी उँगलियों की रेखाओं और पैटर्न से मिलान करती है, जिसकी ऊँगली से मिलान हो जाता है उस कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज हो जाती है।

हालाँकि उँगलियों की पहचान एकदम सटीक होनी चाहिए इसके लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर 3 स्टेप में ऊँगली की पहचान करता है।

स्टेप 1 – एनरोलमेंट
सबसे पहले ये फिंगरप्रिंट स्कैनर कर्मचारी के हाथों की अंगुलियों की इमेज सेव करता है साथ ही इसमें कर्मचारी के नाम और दूसरी जानकारियां दर्ज की जाती हैं।

स्टेप 2 – स्टोरेज
फिंगरप्रिंट स्कैनर अँगुलियों की जो इमेज लेता है उसे यूनिक कोड में बदलकर कंप्यूटर में स्टोर कर लिया जाता है। अब कंप्यूटर में एक ख़ास सॉफ्टवेयर के जरिये अँगुलियों की लकीरों और बिंदुओं के आधार पर एक पैटर्न बनता है और इस पैटर्न के मुताबिक हर कर्मचारी का एक अलग न्यूमेरिक कोड बनता है।

स्टेप 3 – फिंगरप्रिंट की तुलना
जब भी कर्मचारी फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपनी ऊँगली या अंगूठा लगाता है तो ये उसे स्कैन कर एक यूनिक न्यूमेरिक कोड तैयार करता है कंप्यूटर में दर्ज हर कर्मचारी के न्यूमेरिक कोड के डाटा से मिलान करता है और जिस कर्मचारी के डाटा से इसका मिलान हो जाता है उसकी उपस्थिति दर्ज हो जाती है।

मोबाइल का फिंगरप्रिंट स्कैनर
आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में सिक्योरिटी के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर/फिंगरप्रिंट सेंसर दिया होता है ताकि आपका मोबाइल आपके अलावा कोई और ना खोल पाए। मोबाइल का फिंगरप्रिंट भी ऑफिसों में लगे फिंगरप्रिंट मशीनों जैसे ही काम करता है।

मोबाइल के फिंगरप्रिंट स्कैनर में सेंसर लगे होते हैं, मोबाइल में भी आपको दिए गए इस स्कैनर पर सबसे पहले अपनी ऊँगली या अंगूठे की पहचान करानी होती है जिसके आधार पर वो एक यूनिक कोड स्टोर कर लेता है।

अब हर बार जब भी आप अपनी ऊँगली या अंगूठा जो आपने अपने मोबाइल में पहले से दर्ज किया होता है फिंगरप्रिंट स्कैनर पर स्पर्श कराते हैं तो वो उसका यूनिक कोड बनाता है और मोबाइल में पहले से दर्ज अंगुली या अंगूठे के यूनिक कोड से मिलान करता है अगर मिलान सही होता है तो मोबाइल का लॉक खुल जाता है।

उम्मीद है जागरूक पर फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

नकारात्मक सोच से छुटकारा कैसे पाएं?

जागरूक यूट्यूब चैनल