दिल का दौरा क्यों पड़ता है?

आज कल दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक कम उम्र के लोगों को भी होने लगा है लेकिन हार्ट अटैक क्यों होता है और इसके असर क्या होते हैं इनसे लोग आज भी अनजान हैं। तो आइये आज आपको बताते हैं दिल का दौरा पड़ने की क्या वजह होती है और कैसे ये हमारे शरीर पर असर डालता है।

कमजोर दिल – यूँ तो हमारा दिल मजबूत कोशिकाओं से बना होता है जिस कारण हमारा दिल हमेशा स्वस्थ बना रहता है लेकिन आज कल के बिगड़े खानपान और जीवन शैली के चलते दिल उम्र के मुताबिक जल्दी कमजोर होने लगता है जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। वैसे ज्यादा धूम्रपान करने वाले लोगों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है या फिर कुछ मामलों में ये आनुवांशिक कारणों से भी होता है।

रक्त वाहिकाओं में रूकावट – हमारे शरीर में दिल का काम होता है ऑक्सीजन, पोषक तत्व और खून को पम्प कर शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुँचाना लेकिन बढ़ती उम्र के साथ साथ या ख़राब खानपान और जीवन शैली के चलते दिल तक पहुँचने वाली रक्त वाहिकाओं में रूकावट आती है जो हार्ट अटैक का कारण बनती हैं।

खून का बहाव – जब हमारे शरीर की धमनियों में प्लैक जमने लगता है तो हमारी नसें संकरी होने लगती है जिससे शरीर में खून का बहाव सुचारु नहीं रहता और इसमें बढ़ा आती है जिस कारण ये कई बार हार्ट अटैक का रूप ले लेता है।

धमनियों में प्लैक जमा हो जाना – धमनियों में प्लैक जमा हो जाने से शरीर में खून के बहाव में रुकावट होने लगती है और ऐसे में ज्यादा दौड़ भाग करने पर दिल बहुत तेजी से धड़कने लगता है लेकिन धमनियों में प्लैक जमा हो जाने से रक्त का प्रवाह रुक जाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

ऑक्सीजन की कमी – धमनियों के बंद हो जाने पर हमारे दिल को पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती और इस कारण दिल बहुत तेजी से धड़कने लगता है और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है जो हार्ट अटैक का कारण बनती है।

सीने में मरोड़ – जब दिल को ऑक्सीजन की कमी कमी होने लगती है तो दिल मस्तिष्क को इमरजेंसी सिग्नल भेजता है और फिर मस्तिष्क ये इमरजेंसी सिग्नल रीढ़ की हड्डी को भेजता है और दिल को ऑक्सीजन की कमी हो जाने पर शरीर के दूसरे हिस्सों की ऑक्सीजन सप्लाई कम कर देता है। ऐसी स्थिति में शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे गर्दन, जबड़े, कान, कंधे, बांह में दर्द पैदा होता है और सीने के बीचों बीच काफी तेज दर्द उठने लगता है जो हार्ट अटैक का संकेत होता है।

हार्ट अटैक के दर्द के संकेत – यूँ तो हार्ट अटैक के दर्द को झेलना दिल की मजबूती पर निर्भर होता है और इसी कारण जवान लोग दिल के दौरे का हल्का दर्ज झेल लेते हैं। ये दर्द कुछ मिनटों तक रहता है कई बार ये कई घंटों तक बना रहता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जाँच कराएं ताकि समय रहते इस पर काबू पाया जा सके।

अंत में कार्डिएक अरेस्ट – समय रहते सही इलाज ना होने के कारण दिल की मांसपेशियां धीरे धीरे निष्क्रिय होने लगती हैं और अंत में दिल काम करना बंद कर देता है और ऐसी स्थिति में अगले कुछ मिनटों में मस्तिष्क की कोशिकाएं भी मरने लगती है।

अटैक के बाद – दिल का दौरा पड़ने पर दिल का कुछ हिस्सा काम करना बंद कर देता है जिसके वापस ठीक होने की सम्भावना काफी कम होती है और इसी कारण हार्ट अटैक आने के दौरान हर क्षण जान जाने का खतरा बना रहता है।

हार्ट अटैक के बाद – अगर दिल का दौरा पड़ने वाले रोगी की धड़कन रुक जाये तो अपने हाथ की एक हथेली पर दूसरा हाथ रखकर रोगी के सीने के बीचों बीच करीब 80 से 100 बार तेजी से दबाव डालें। कई बार ये प्रक्रिया काफी कारगर होती है।

हार्ट अटैक से बचाव – हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए जरुरी है बेहत खानपान और जीवनशैली। इसके लिए ज्यादा वसा वाले आहार से बचें और नियमित रूप से फल, सलाद और हरी सब्जियों का सेवन करें। साथ ही स्वस्थ दिल के लिए व्यायाम आवश्यक है, नियमित रूप से व्यायाम जरूर करें।

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