जानिए क्यों जरूरी है हर रोज प्रोटीन की खुराक

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इस व्यस्तता भरे जीवन में किसी के पास इतना समय नहीं की वो अपने शरीर को पूर्णरूप से स्वस्थ रख सके। लेकिन स्वस्थ शरीर की चाह सबको होती है। स्वस्थ रहना कोई मुश्किल काम भी नहीं है बस स्वयं के प्रति थोड़ा सचेत रहना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है पर्याप्त मात्रा में खनिज-तत्वों का सेवन करना। इन्हीं पोषक तत्वों में प्रोटीन भी शरीर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रोजाना प्रोटीन की खुराक क्यों जरूरी है –

शरीर के प्रत्येक अंग के समुचित विकास के लिए प्रोटीन बहुत ही जरूरी तत्व है। क्या आप प्रोटीन युक्त संतुलित भोजन करते हैं? हड्डियों, मांसपेशियाँ, ब्लड के प्रॉपर फंक्शन, कोशिकाओं को बनाने व सुधारने, प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने में, वसा घटाने में, दिमाग के फंक्शन और बेहतर त्वचा के लिए प्रोटीन अनिवार्य पोषक तत्व हैं। इसके अलावा हर्मोन और बॉडी केमिकल्स का सुचारू रूप से कार्य तभी संभव है जब प्रोटीन की खुराक शरीर में पर्याप्त हो। फैट और कार्बोहाइड्रेट शरीर में स्टोर रहता है जिससे ऊर्जा मिलती रहती है। लेकिन प्रोटीन शरीर में स्टोर नहीं होता, प्रोटीन का शरीर में संरक्षित ना होने के कारण ही शरीर को नियमित प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है। 20 अमीनो एसिड से मिलकर प्रोटीन का निर्माण होता है, इनमें से 9 इतने जरूरी है की शरीर इन्हें निर्मित नहीं कर सकता। इसलिए भोजन के माध्यम से शरीर इनकी कमी पूरी करता है। जो लोग शाकाहारी है उनके लिए यह ध्यान देने योग्य है की उनकी थाली में क्या पर्याप्त प्रोटीन की मात्रा है अगर नहीं तो कुछ ओर प्रोटीन युक्त भोजन को अपने आहार में जरूर शामिल करे। प्रोटीन शरीर की शर्करा को कंट्रोल करता है। यह हर्मोन और हड्डियों का निर्माण व कोशिकाओं का विकास करता है जिससे शरीर को अंदर और बाहर दोनों तरह से मजबूती प्रदान होती हैं। इसलिए प्रोटीन को पावर डाइट की श्रेणी में रखा गया है।

प्रोटीन की कमी से शरीर पर क्या असर पड़ता है –

प्रोटीन की कमी से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, शरीर रोगग्रस्त हो जाता है, इंफेक्शण का खतरा बना रहता है, दिमागी क्रियाशीलता कमजोर होने लगती है। बच्चों के विकास में तो प्रोटीन की कमी बहुत ही बुरा असर डालती है, बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते है। साथ ही इम्युनिटी सिस्टम और पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। प्रोटीन की कमी से शरीर को कुछ इस तरह से भी क्षति पहुचती है जैसे – अधिक भूख लगना, अनिद्रा, मोटापा, चिड़चिड़ापन, नाखूनों का कमजोर होना, अतिशीघ्रता से बीमार पड़ना, वजन बढ़ना, घाव का देरी से भरना, बाल कमजोर होना, भ्रम व अवसाद, दिमागी कमजोरी, मधुमेह, हाई बीपी, हृदय के रोग, मसल्स में दर्द, थकावट, शारीरिक विकास का रुकना, जोड़ों में दर्द, रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी आदि कई समस्या प्रोटीन की कमी से जन्म लेती है।

प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत क्या है –

प्रोटीन की कमी संतुलित आहार द्वारा बहुत आसानी से दूर की जा सकती है। सबसे अच्छा प्रोटीन मीट, मछली और अंडों में पाया जाता है। इसके अलावा भी प्रोटीन के प्राकृतिक स्त्रोत कुछ इस तरह है अनाज, दूध व दूध से निर्मित चीज़े, दाल, अंकुरित अनाज, कच्ची हरी सब्जियाँ, मेवा, मूँगफली, राजमा, दही, सोयाबीन, भुने हुए चने, बेसन का चीला, ढोकला आदि। शाकाहारी लोगों को दिन में दो कटोरी दाल रोजाना आहार में शामिल करनी चाहिए। साथ ही 400 मिली दूध या दूध के उत्पाद भी प्रतिदिन शामिल करने चाहिए। शाकाहारी लोगो के लिए सोयाबीन प्रोटीन का सुपर फुड है इसे हफ्ते में तीन से चार बार सेवन जरूर करे। आजकल बाजार के सोयाबीन सही प्रोसेस करके नहीं बनाए जाते, इसलिए ऐसे फुड से बचे।

प्रोटीन की खुराक कितनी होनी चाहिए –

* नवजात से छः महीने तक के शिशु को 10 ग्राम प्रोटीन।
* स्कूली बच्चों को 19-32 ग्राम प्रोटीन।
* वयस्क लड़कों को 52 ग्राम प्रोटीन।
* वयस्क लड़कियों को 46 ग्राम प्रोटीन।
* पूर्ण वयस्क व्यक्ति के लिए 56 ग्राम प्रोटीन।
* गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 71 ग्राम प्रोटीन।

प्रोटीन की यह मात्रा सभी के लिए प्रतिदिन की होनी चाहिए। इस अनुपात में प्रोटीन लेने से कैलोरी की जरूरत भी पूरी हो जाती है क्योंकि प्रति ग्राम प्रोटीन में 4 कैलोरी होती है।

ध्यान देने योग्य बात –

स्वस्थ शरीर की आकांक्षा का मतलब यह नहीं की जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन किया जाए। किसी भी चीज की अति शरीर को सिर्फ क्षति ही पहुँचाती है। प्रोटीन का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से किडनी में पथरी, लिवर और हृदय पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रोटीन सप्लिमेंट शरीर के लिए घातक है। जब प्राकृतिक रूप से शरीर को प्रोटीन की पूर्ति हो सकती है तो मार्केट में मिलने वाले प्रोटीन सप्लिमेंट से बचना शारीरिक हित में है। प्रोटीन जरूरी तत्व है लेकिन उचित मात्रा में।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए जिस तरह पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स जरूरी हैं, उसी तरह शारीरिक और मानसिक ग्रोथ के लिए प्रोटीन भी जरूरी पोषक तत्व है। प्रोटीन डाइट सेहत के लिए कितनी आवश्यक है यह तो आप जान ही गये होंगे लेकिन इसका मतलब यह नहीं की आप अपने आहार में सिर्फ प्रोटीन पर ही फोकस करे। एक स्वस्थ शरीर को सभी तरह के पोषक तत्व की जरूरत पड़ती है इसलिए संतुलित आहार को शामिल करे। इसमें न्यूट्रिशनिस्ट के द्वारा तैयार किया गया फुड चार्ट आपकी बहुत मदद कर सकता है।

प्रोटीन आपके लिए कितना और क्यों जरूरी है इसके लिए अपने डॉक्टर से राय जरूर ले। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल हमेशा करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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