जानिए क्या है रैनसमवेयर वायरस

128

हाल ही में पूरी दुनिया में रैनसमवेयर वायरस ने तहलका मचा दिया जिसकी चपेट में आने से लाखों कम्प्यूटर्स प्रभावित हुए थे। आज डिजिटलाइजेशन का ज़माना है और ऐसे में हर यूजर को ऐसी जानकारियों से वाकिफ होना चाहिए। क्या आप जानते हैं असल में ये रैनसमवेयर वायरस क्या है और इससे क्या हानि हो सकती है ? आइये जानते हैं रैनसमवेयर वायरस के बारे में।

हाल ही के दिनों में दुनिया पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ और इसमें इस्तेमाल किये गए वायरस को नाम दिया गया “रैनसमवेयर”। इस रैनसमवेयर वायरस का कोई तोड़ ना मिलने पर हैकर्स ने सरकारों को इससे छुटकारा दिलाने के लिए फिरौती की भी मांग की। इस वाइरस ने ना सिर्फ सरकारी बल्कि कई निजी कंपनियों को काफी नुकसान पहुँचाया।

रैनसमवेयर वायरस से प्रभावित हुए कंप्यूटर और मोबाइल डिवाइस पूरी तरह से इस वायरस के कब्जे में आ जाते हैं और स्क्रीन पर सभी फाइल और जानकारियों को बर्बाद करने की धमकी का सन्देश आता है जिसमे बिटक्वाइंस के जरिये फिरौती की मांग की जाती है और लिखा होता है फिरौती देने पर ही इस वायरस से छुटकारा मिल पायेगा।

हैकर्स ऐसे वायरस को लिंक, अटैचमेंट या संदेश के जरिये यूजर्स के मोबाइल और कंप्यूटर पर भेजते हैं और जैसे ही यूजर इन्हे खोलते हैं उनका डिवाइस उस वायरस की चपेट में आ जाता है। वायरस की चपेट में आने वाले यूजर्स को हैकर्स द्वारा फिरौती की मांग की जाती है जिसमे बिटक्वाइंन के जरिये फिरौती देने के लिए कहा जाता है और फिरौती में देर करने पर फिरौती की रकम बढ़ा दी जाती है। फिरौती ना मिलने या देर हो जाने पर यूजर के डिवाइस से उसकी अहम् फाइल्स और डाटा ख़त्म कर दिए जाते हैं।

हालाँकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों का मानना है की इस तरह से हैकर्स को फिरौती नहीं देनी चाहिए क्योंकि इससे ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलता है साथ ही इसकी कोई गारंटी नहीं है की फिरौती देने के बाद आपका पूरा डाटा मिल जाये। रैनसमवेयर और किसी भी तरह के ऐसे वायरस से बचने के लिए हमे खुद को सावधान होना होगा। किसी भी ईमेल, मैसेज या फाइल को खोलने से पहले सावधानी बरते और संदेह होने पर उन्हें तुरंत डिलीट कर दें। इसके अलावा अपने डिवाइस में वायरस सिक्योरिटी अपडेट करके रखें।

“टॉप 10 हैकर जिन्होंने किये ऐसे कारनामों की हिल गई पूरी दुनिया”
“जानिए डीमैट अकाउंट क्या होता है और कैसे खोले डीमैट अकाउंट”
“जानिए किसके पास है इंटरनेट का मालिकाना हक़”

Add a comment