जन्म के समय बच्चे का वजन कितना होना चाहिए?

सितम्बर 3, 2018

ये तो आप जानते हैं कि माँ और बच्चे का सम्बन्ध कितना गहरा होता है और जन्म के समय बच्चे की सेहत भी माँ की सेहत पर निर्भर करती है यानि माँ के खानपान और स्वास्थ्य से बच्चे का स्वास्थ्य जुड़ा होता है लेकिन इसके अलावा कुछ और बातें भी जन्म के समय बच्चे का वजन प्रभावित करती हैं। ऐसे में क्यों ना, आज इसी बारे में बात की जाए कि जन्म के समय बच्चे का वजन कितना होना चाहिए और कौनसे कारक शिशु के वजन को प्रभावित करते हैं। तो चलिए, आज जानते हैं जन्म के समय बच्चे का वजन से जुड़ी कुछ जरुरी बातें-

सामान्य तौर पर एक भारतीय शिशु, जो 9 महीने का समय पूरा होने के बाद जन्म लेता है, उसका औसत वजन लगभग 2500 ग्राम (2.5 किलो) और 2900 ग्राम (2.9 किलो) के बीच होता है। जन्म के समय 2.5 किलो से कम वजन वाले शिशु को ज्यादा देखभाल की जरुरत पड़ती है।

शिशु का वजन कम होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे-

शिशु की लम्बाई – शिशु का वजन उसकी लम्बाई पर भी निर्भर करता है इसलिए बच्चे की लम्बाई के अनुसार भी उसका वजन सामान्य स्तर से कम या ज्यादा हो सकता है। अगर शिशु का वजन उसकी लम्बाई के अनुसार नहीं होता है तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है।

जन्म के बाद वजन में बदलाव आता है – सामान्य तौर पर जन्म के 4-5 दिन बाद हर शिशु के वजन में बदलाव होता है यानी वजन कम हो जाता है। माना जाता है कि जन्म से पहले माँ के गर्भ में पानी की थैली में लिपटे रहने के कारण बच्चे का वजन थोड़ा बढ़ा हुआ रहता है जो जन्म लेने के बाद कम हो जाता है। ख़ास बात ये है कि शिशु 10 दिनों के अंदर ही अपना नया वजन प्राप्त करने लगता है और शुरू के तीन महीनों में उसका वजन लगभग 30 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ता है।

शिशु के स्वस्थ होने के पीछे भले ही कई कारक जिम्मेदार हों लेकिन सबसे अहम कारक तो माँ का बेहतर स्वास्थ्य ही होता है इसलिए स्वस्थ शिशु के लिए माँ का स्वस्थ होना सबसे पहली जरुरत है।

दोस्तों, उम्मीद है कि ये जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित होगी और आपको पसंद भी आयी होगी।

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