झारखंड के पर्यटन स्थल

छोटा नागपुर पठार के जंगलों में स्थित भारत के इस राज्य झारखंड को ‘छोटा नागपुर की रानी’ भी कहा जाता है। इस राज्य का इतिहास समृद्ध है और यहाँ भूमिगत खनिज भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। इस राज्य में भारी उद्योग भी हैं तो बहुत से ऐसे टूरिस्ट स्पॉट्स भी हैं जो पर्यटकों को रोमांचित करते हैं। झारखण्ड जंगलों और पहाड़ों का राज्य है जिसमें कई पवित्र धार्मिक स्थल, वन्यजीव अभयारण्य और संग्रहालय भी स्थित हैं। ये राज्य कोयले की खानों और इस्पात संयंत्रों से संपन्न है इसलिए इस राज्य को भारत के सबसे ज्यादा संसाधन संपन्न राज्यों में से एक माना जाता है। ऐसे में क्यों ना जागरूक पर आज आपको झारखण्ड के पर्यटन स्थलों की सैर करवाई जाये। तो चलिए, आज झारखंड के पर्यटन स्थल को करीब से जानते हैं।

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सूर्य मंदिर – झारखण्ड का सूर्य मंदिर अपनी सुंदरता, भव्य डिजाइन और आसपास के शानदार माहौल के लिए जाना जाता है। यहाँ का शांत वातावरण मन को सुकून देता है और सूर्य मंदिर के दर्शन का लाभ भी मिल जाता है।

बैद्यनाथ धाम – बैद्यनाथ धाम मंदिर पिरामिड के आकार का टावर है जिसके उत्तरी भाग में भगवन शिव का शिवलिंग स्थापित है। इस मंदिर की ऊंचाई जमीन से 72 फीट की है। इस धाम में भगवान शिव के अतिरिक्त अन्य हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित है।

रांची हिल्स – झारखण्ड के पसंदीदा टूरिस्ट स्पॉट्स में से एक है रांची हिल्स, जो 2140 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। शोरगुल से दूर, यहाँ का शांत वातावरण और चारों और फैली हरियाली राहत देती है। रांची हिल्स रांची शहर के बीच में स्थित है। इन हिल्स का आकार पर्यटकों को आकर्षित करता है। समतल जमीन पर बनी रांची हिल्स से कुदरत के बेहतरीन नजारें देखे जा सकते हैं। यहाँ पवित्र शिव मंदिर भी है यानी यहाँ आकर आपको आस्था और प्रकृति दोनों मिल जाएँगी। इतना ही नहीं, रांची हिल्स पर एक कृत्रिम झील भी है जिसे रांची झील नाम दिया गया है। इस झील में बोटिंग का लुत्फ उठाने का अलग ही आनंद होता है।

दस्सम फॉल – झारखण्ड का एक और बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट दस्सम फॉल है जो भारत के पूर्वोत्तर भाग का सबसे बेहतरीन झरना है। इसे देखने के लिए ना केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया से पर्यटक आते हैं। ये टूरिस्ट स्पॉट रांची से केवल 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये झरना कांची नदी से बनता है। जब ये नदी 144 फीट की ऊंचाई से गिरती है तो दस्सम फॉल बनता है। इस झरने से गिरते पानी की मधुर ध्वनि पूरे इलाके में गूंजती है और इसका आनंद लेने के लिए आपको एक बार यहाँ आना ही पड़ेगा।

जमशेदपुर – झारखण्ड के बीच में स्थित है जमशेदपुर, जो जमशेदजी टाटा की प्रेरणा से बना था। जमशेदपुर में भारत का पहला स्टील और लौह संयंत्र टाटा स्टील स्थित है। यहाँ जुबली पार्क, जयंती सरोवर, डिमना झील और दलमा वन्य अभयारण्य जैसे कई टूरिस्ट स्पॉट्स भी हैं।

नेतरहाट – झारखण्ड की राजधानी रांची से लगभग 144 किलोमीटर दूर नेतरहाट स्थित है जहाँ हरे-भरे जंगल और पहाड़ियां हैं। नेतरहाट छोटा नागपुर के पठार पर स्थित है और समुद्र तल से लगभग 3700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ से सनराइज़ और सनसेट देखने का आनंद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।

हजारीबाग – रांची से 93 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हजारीबाग अपने वन्यजीव अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है। ये उद्यान वनस्पतियों और जीव जंतुओं से समृद्ध है। यहाँ हाथी, जंगली भालू, तेंदुआ, हिरन और बाघ जैसे कई जंतुओं को देखा जा सकता है। यहाँ हजारीबाग झील, कोनार बांध और भद्रकाली मंदिर भी स्थित है।

गिरिडीह – गिरिडीह का शाब्दिक अर्थ ‘पहाड़ियों की भूमि’ है और ये स्थान झारखण्ड के प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। ये स्थान ना केवल कोयले जैसे खनिजों से समृद्ध है बल्कि यहाँ कई जैन तीर्थ स्थल भी हैं इसलिए इसे जैन मंदिरों की भूमि के रुप में भी पहचान प्राप्त है।

यहाँ शिखरजी मंदिर, खंडोली पार्क और मधुबन जैसे स्थान भी दर्शनीय हैं।

दोस्तों, खनिजों से संपन्न भारत के इस राज्य झारखंड के पर्यटन स्थल को देखने के लिए एक बार सैर का इरादा भी जरूर बनाइये।

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