जुगनू की चमक को शायद आपने रियल लाइफ में करीब से देखा हो और उसे देखकर आप रोमांचित हुए बिना नहीं रह पाए होंगे क्योंकि रात के अँधेरे में जुगनू को देखकर ऐसा लगता है जैसी बहुत छोटी-छोटी लालटेन उड़ रही हो लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि रात में ये जुगनू क्यों चमकते हैं? ऐसे में क्यों ना, आज इन जुगनुओं की चमक का राज जानें। तो चलिए, आज बात करते हैं जुगनू की चमक के बारे में।

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जुगनू ऐसे छोटे-छोटे कीट होते हैं जो रात को चमकते हुए दिखाई देते हैं। असल में जुगनू के पेट की त्वचा के नीचे कुछ हिस्से में ऐसे अंग मौजूद होते हैं जो प्रकाश पैदा करते हैं। जुगनू के इन अंगों में ऐसा विशेष रसायन बनता है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही रोशनी पैदा कर देता है।

जुगनू को देखकर भले ही ऐसा लगता हो कि ये लगातार चमकते होंगे लेकिन ऐसा नहीं होता है। जुगनू एक निश्चित अंतराल पर कुछ समय के लिए चमकते और बुझते हैं। जुगनू के इस तरह चमकने का कारण अपने साथी को आकर्षित करना होता है।

नर और मादा जुगनू के शरीर से निकलने वाले प्रकाश के रंग, चमक और उनके जलने-बुझने के समय में कुछ अंतर होता है और इसी के आधार पर वो अपने साथी से दूर होते हुए भी उसे आसानी से पहचान लेते हैं।

इस प्रकाश का इस्तेमाल जुगनू खाना ढूंढने में भी करते हैं और दूसरे कीटभक्षियों से स्वयं का बचाव करने में भी ये प्रकाश उनकी मदद करता है।

पहले ये माना जाता था कि जुगनू की चमक फास्फोरस की वजह से होती है लेकिन आगे चलकर इतालवी वैज्ञानिक स्पेलेंजानी ने 1794 में ये साबित किया कि इस जीव के शरीर में होने वाली रासायनिक क्रियाओं के कारण ये प्रकाश उत्पन्न होता है और ये रासायनिक क्रियाएं मुख्य रूप से पाचन से सम्बंधित होती हैं।

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