ज़्यादा नमक है सेहत के लिए ख़तरनाक

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स्वादिष्ट खाने का ज़बरदस्त ज़ायका बनता है तेल मसालों से आयी रंगत और नमक की सटीक मात्रा से। अन्य तत्वों की तरह नमक भी हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक तत्व है जो खून को साफ़ करने का काम करता है और शरीर से हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करके शरीर को बहुत सी बीमारियों से बचाता है। साथ ही शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित रखने के लिए भी हमें नमक यानि सोडियम की जरूरत होती है। मस्तिष्क से शरीर के अन्य अंगों तक और अन्य अंगों से मस्तिष्क तक सूचनाओं के आदान-प्रदान में भी सोडियम मदद करता है साथ ही मांसपेशियों के सुचारू रूप से काम करने में भी सोडियम की अहम भूमिका होती है।

अच्छी सेहत के लिए नमक की एक निश्चित मात्रा का ही सेवन किया जाना जरुरी है। इसकी मात्रा का कम या ज़्यादा होना खाने के स्वाद को तुरंत प्रभावित करने के साथ सेहत पर भी बुरा असर दिखाना शुरू कर देता है। हम में से बहुत से लोग इस स्वाद को बढ़ाने के लिए कई बार ज़्यादा नमक पहले से ही डाल लेते है तो कुछ लोग सब्ज़ियों में ऊपर से ढेर सारा नमक डाल कर खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि नमक को साइलेंट किलर माना जाता है जो शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। डब्लूएचओ की रिसर्च में यह साबित हुआ है कि अगर हम दिनभर में एक चम्मच यानि 5 ग्राम से ज्यादा नमक खाते हैं तो यह हमारी सेहत पर बुरा असर डालता है। तो चलिए, आज आपको बताते है नमक की ज्यादा मात्रा कैसे आपकी सेहत को प्रभावित करती है –

उच्च रक्तचाप –
नमक यानि सोडियम की आवश्यकता से अधिक मात्रा किडनी द्वारा शरीर से बाहर निकाल दी जाती है लेकिन नमक का अत्यधिक सेवन करने से किडनी सोडियम की इतनी अधिक मात्रा को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती और खून में इसकी मात्रा बढ़ जाती है जिससे उच्च रक्तचाप की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

दिल तक रक्त का प्रवाह बाधित –
नमक के ज्यादा सेवन से जब रक्तचाप बढ़ा होता है तो रक्त की धमनियों की दीवारें मोटी हो जाती हैं जिससे दिल में रक्त का संचार सही ढंग से नहीं हो पाता और इस स्थिति में कोरोनरी हार्ट प्रॉब्लम होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।

दिल का दौरा पड़ना –
नमक की ज़्यादा मात्रा शरीर में रक्त संचार में बाधा डालती है और उच्च रक्तचाप का कारण बनती है जिससे दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है क्यूँकि दिल का दौरा तब पड़ता है जब दिमाग में रक्त का संचार होना बंद हो जाता है। इससे दिमाग के मुख्य भाग में ऑक्सीजन का बहाव भी कम हो जाता है, जिसकी वजह से कोशिकाएं मृत हो जाती हैं।

मोटापा –
मोटापा बहुत सी बीमारियों की जड़ है। नमक की ज़्यादा मात्रा लेने से प्यास ज़्यादा लगती है जिसकी पूर्ति के लिए आप पेय पदार्थों का सेवन करते है। अगर ये पेय पानी है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर ये मीठे पेय है तो आपका वज़न बढ़ने की पूरी सम्भावना है।

ऑस्टिओपोरेसिस –
खाने में नमक की अधिकता से टखने में सूजन और मोटापे की समस्या बढ़ती है। इसके कारण हड्डियां पतली होने लगती हैं जिससे ऑस्टिओपोरेसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसके अलावा नमक की अधिकता पेट के कैंसर, अस्थमा और किडनी से जुड़ी बीमारियों को भी खुला निमंत्रण देती है।

अब तक भले ही आप अनजाने में नमक की ज़्यादा मात्रा का सेवन कर रहे होंगे लेकिन अब आप जान गए है कि नमक की ये बढ़ी हुयी मात्रा जैसे स्वाद को बिगाड़ देती है वैसे ही सेहत को भी हिला कर रख देती है इसलिए अब से इस आदत को छोड़ना शुरू कीजिये। इसके लिए आप अपनी डाइनिंग टेबल से नमकदानी को तुरंत हटा दीजिये और डिब्बाबंद खाने से भी दूरी बना लीजिये। इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर आप बीमारियों से दूर रहेंगे और सेहत आपके पास आ जाएगी।

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