काला नमक क्या है?

आइये जानते हैं काला नमक क्या है। भारत में काले नमक का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। इसलिए भारत के हर हिस्से में काले नमक को अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे बंगला में लबन, गुजराती में मीठू, तमिल, तेलगू और मलयालयम में उप्पु।

इसके अलावा भी इस नमक के कई नाम है बिट नून, पाद लून, बिट लोबोन और सुलेमानी नमक। क्रिस्टल पत्थर के रूप में इसका रंग गहरा काला या गहरा लाल दिखता है, लेकिन जब इसका चूर्ण बना दिया जाता है तो यह हल्का बैंगनी, भूरा या गुलाबी रंग का दिखता है।

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काला नमक क्या है?

काला नमक सेंधा नमक का ही एक प्रकार है। काले नमक को हिमालयन और ब्लैक सॉल्ट के नाम से भी जाना जाता है। जितना इसका स्वाद मजेदार होता है उतना ही यह औषधीय गुणों की खान है।

यह एक तरह का खनिज नमक है। इस नमक में सोडियम, क्लोराइड, सल्फर, आयरन, हाइड्रोजन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, लौह सल्फेट, ग्रेगेट, फेरिक ऑक्साइड जैसे 80 प्रकार के खनिज तत्व होते है।

जो संपूर्ण शरीर की रक्षा प्रणाली को दुरुस्त रखने में सक्षम है। सोडियम के कारण इसका टेस्ट नमकीन, आयरन के कारण गहरा बैंगनी या भूरा रंग और सल्फर इसकी गंध का कारण है।

काला नमक कहाँ पाया जाता है?

यह एक प्रकार का खनिज नमक है इसलिए इसे बनाया नहीं बल्कि निकाला जाता है खानों और पहाड़ों से। इसका निर्माण ज्वालामुखी के पत्थरों, भारतीय उपमहाद्वीप से निर्मित, खानों के प्राकृतिक हेलाइट से इस नमक को प्राप्त किया जाता है।

इस नमक की प्राकृतिक खान भारत, नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान के कुछ हिमालीय हिस्सों में है। काले नमक का उपयोग हमारे देश के साथ दक्षिण एशिया के सभी देशों में किया जाता है। लेकिन भारत में इसकी खपत बहुत बड़े स्तर पर है।

काले नमक का उपयोग किसमें होता है?

आयुर्वेद चिकित्सा में इस नमक को ठंडी तासीर का माना जाता है। इसलिए दवाओं में इसका प्रयोग मुख्य रूप से होता है। लेकिन भारतीय व्यंजनों में भी इसका प्रमुख स्थान है। अगर काला नमक ना हो तो चटनी, रायता, सलाद, फ्रूट सलाद, चाट, गोल-गप्पे का पानी, शरबत जैसे व्यंजनों में स्वाद को खोजना व्यर्थ है।

इतना ही नहीं भारतीय चाट-मसाला अपनी महक और स्वाद के लिए पूर्ण रूप से काले नमक पर निर्भर है। संक्षिप्त में यह कहा जा सकता है अगर काला नमक नहीं तो चटपटी चीजों में स्वाद नहीं। इसलिए ही सभी भारतीय रसोई में काला नमक का होना आम बात है।

काला नमक खाने से क्या लाभ है?

काले नमक को खाने के इतने फायदे है की आप पढ़कर आश्चर्य भी करेंगे और खुश भी होंगे। आजकल लोगों में जागरूकता की कमी के कारण अधिकांश लोग इसके गुणों से अपरिचित है। यह एक ठंडी तासीर का नमक है जिसका उल्लेख आयुर्वेद में अच्छे से मिलता है।

इसके नियमित सेवन से पेट की सभी समस्या जैसे अपच, गैस, जलन, खट्टी डकारे, उल्टी, दर्द, सूजन, कब्ज के साथ-साथ पाचन प्रणाली को मजबूत बनाता है।

इसके अलावा मांसपेशियों में अकडन, जोड़ो का दर्द, वजन घटाने में, डिप्रैशन, मधुमेह, साइनस, एलर्जी, अस्थमा, एनीमिया, चर्म रोग, अम्लपित्त, सीने में जलन, भूख का ना लगना, हृदय रोग, हड्डियों के रोग, सर्दी-खाँसी, रूसी, जोड़ों का दर्द, अनिद्रा, कमजोर नजर जैसी कई समस्याओं का अचूक समाधान है काला नमक।

कम सोडियम होने के कारण उच्च-रक्तचाप के रोगियों के लिए इस नमक को श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह नमक खून में सोडियम की मात्रा में वृद्धि नहीं करता।

क्या काला नमक समुन्द्री नमक से उत्तम है?

समुन्द्री नमक की अपेक्षा काला नमक स्वास्थ्य की दृष्टि में उत्तम है। समुद्री नमक में एल्यूमीनियम सिलिकेट और पोटेशियम आयोडेट जैसे घातक तत्व होते है जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर देता है। इसी गंभीर कारण से कई देश ने समुन्द्री नमक पर रोक लगा रखी है।

काला नमक इन रसायन से मुक्त है इसलिए इसे समुन्द्री नमक की तुलना में बेहतरीन माना जाता है। शरीर को जिस मात्रा में आयोडीन की खुराक चाहिए उस मुकाबले में काले नमक में पर्याप्त आयोडीन नहीं होता। काले नमक में 36.8% से 38.79% मात्रा में सोडियम होता है। लेकिन आयोडीन की शेष पूर्ति अन्य आहार से पूरी की जा सकती है।

काला नमक खनिज की खान है इसलिए इस आधार पर काला नमक श्रेष्ठ माना जाता है। क्या आप जानते है काला नमक अपने लौह गुण के कारण हिमोग्लोबिन के उत्पादन में सहायक है जो रक्त विकार से पीड़ित लोगों के लिए यह नमक अच्छा है।

दैनिक भोजन में काले नमक को कैसे लाए?

इस नमक का प्रयोग भी बिल्कुल वैसे ही करे जैसे आप साधारण नमक का करते है। अधिक स्वास्थ्य हित के लिए साधारण और काले नमक को समान मात्रा में मिलाकर रख ले और भोजन में इस मिश्रण का प्रयोग करे। इससे आपके शरीर को आयोडीन, सोडियम के साथ खनिज भी मिलेगा।

अगर आप पूर्ण रूप से स्वस्थ (वयस्क) है तो आप रोजाना की खुराक में छः ग्राम तक काला नमक खा सकते है। बच्चों के लिए काले नमक की मात्रा बिल्कुल आधी हो जाती है यानी एक चुटकी।

सावधानी– काले नमक में प्रचुर मात्रा में सल्फर होता है जो गैस और जलन को तो कम करता है लेकिन अधिक सेवन से पाचन तंत्र का कमजोर होना संभावित है। इसलिए बहुत अधिक लाभ के चक्कर में अधिक काले नमक का सेवन ना करे।

सीमित काले नमक के सेवन से शरीर को अपार लाभ मिलता है। आप चाहे किसी भी नमक का सेवन क्यों ना करे, डॉक्टर के अनुसार भोजन में नमक की मात्रा बहुत ही सीमित होनी चाहिए क्योंकि प्राकृतिक आहार में प्राकृतिक नमक होता है।

काले नमक के अपार फायदे को देखते हुए इसका सेवन कैसे करे इसके बारे में अपने आहार चिकित्सक से सलाह जरूर ले। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

उम्मीद है जागरूक पर काला नमक क्या है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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