आइये जानते हैं कटे हुए सेब का रंग क्‍यों बदल जाता है। हम में से कोई भी डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहता और इसके लिए ये कहावत भी है कि ‘रोज एक सेब खाइए और डॉक्टर से दूर रहिए’ यानी सेब इतनी सेहतमंद होती है कि हमें बीमारियों से बचाती है।

ऐसे में सेब से जुड़ी कुछ रोचक और जरुरी जानकारी आपको भी लेनी चाहिए। तो चलिए, आज जानते हैं कटे हुए सेब का रंग क्‍यों बदल जाता है और सेब से जुड़ी कुछ हेल्दी बातें।

कटे हुए सेब का रंग क्‍यों बदल जाता है? 1

  • सेब में एंटीऑक्सिडेंट्स, फाइबर, विटामिन सी और विटामिन बी पाया जाता है।
  • सेब में खनिज और पोषक तत्व भी प्रचुरता में पाए जाते हैं।
  • सेब खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल कण्ट्रोल रहता है।
  • सेब में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है जो हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाती है।
  • सेब खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।
  • सेब लिवर से विषैले पदार्थ बाहर निकालता है।
  • सेब दिमाग में ऑक्सीजन को बढ़ाता है।
  • सेब कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है।
  • सेब में फैट नहीं पाया जाता है इसलिए वजन कम करने में भी सेब सहायक है।
  • सेब खाने से पाचन क्रिया भी बेहतर बनती है।

कटे हुए सेब का रंग क्‍यों बदल जाता है?

सेब से मिलने वाले इतने फायदे जानने के बाद, आइये अब आपको बताते हैं सेब से जुड़ी एक और दिलचस्प बात। सेब काटते समय आपने जरूर गौर किया होगा कि काटते ही सेब भूरी हो जाती है और इसका कारण भी आप जानना चाहते होंगे।

असल में सेब में ऐसा एंजाइम पाया जाता है जिसके कारण कटे हुए सेब का रंग भूरा पड़ जाता है। सेब को काटने पर उसके टिशू में पाए जाने वाले एंजाइम से वातावरण की ऑक्सीजन की प्रतिक्रिया होती है।

ये पॉलीफिनॉल ऑक्सीडेज (PPO) एंजाइम रिएक्शन के बाद ओ-क्विनोन्स (o-quinones) में बदल जाते हैं। ये ओ-क्विनोन्स प्रोटीन से रिएक्ट करके सेब को भूरा रंग देते हैं और इस तरह काटते ही आपकी सेब भी भूरे रंग की हो जाती है।

उम्मीद है जागरूक पर कटे हुए सेब का रंग क्‍यों बदल जाता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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