आइये जानते हैं खसखस के फायदे और नुकसान। खसखस (पॉपी सीड) एक प्रकार का तिलहन होता है। इसका वैज्ञानिक नाम ‘पैपर सोम्निफेरम’ है। इसके कच्चे बीजों में मॉर्फिन नामक मादक पदार्थ पाया जाता है जो दर्द निवारक होता है लेकिन इसके सेवन से नशे की लत भी लग सकती है।

इस कारण खसखस के इस्तेमाल को लेकर लोगों के मन में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। असल में खसखस के पके बीजों में मॉर्फिन की मात्रा ना के बराबर होती है इसलिए ये नुकसानदेह नहीं होता है।

आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम युक्त खसखस में फाइबर और आवश्यक फैटी एसिड्स भी पाए जाते हैं। ऐसे में खसखस से होने वाले फायदों के बारे में जानना बेहतर होगा। तो चलिए, आज जानते हैं खसखस के फायदे और कुछ नुकसानों के बारे में।

खसखस के फायदे

कब्ज दूर करने में – डायटरी फाइबर की प्रचुरता वाली खसखस के सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है और लम्बे समय तक भूख भी नहीं लगती है।

दिल को सुरक्षित रखने में – खसखस में पाए जाने वाले आवश्यक फैटी एसिड्स ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करते हैं। इसके सेवन से दिल के दौरे पड़ना और दिल से जुड़ी बीमारियां होने का ख़तरा भी काफी कम हो जाता है।

खसखस के फायदे और नुकसान 1

स्किन इन्फेक्शन से राहत दिलाने में – स्किन पर पड़ने वाले चकत्ते और लगातार होने वाली खुजली से राहत पाने में खसखस मददगार साबित होती है।

दिमाग को तेज करने में –
खसखस में पाए जाने वाले आयरन, कैल्शियम और कॉपर जैसे खनिज तत्व दिमाग के विकास में सहायक बनते हैं। खसखस के सेवन से न्यूरोट्रांसमीटर नियमित होने लगते हैं और मस्तिष्क द्वारा किये जाने वाले कार्यों में भी सुधार होता है।

हड्डियों को मजबूत बनाने में – खसखस के बीजों में कैल्शियम और फॉस्फोरस पाए जाते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इनके अलावा खसखस के बीजों में पाया जाने वाला मैगनीज कोलेजन प्रोटीन के निर्माण में मदद करता है ताकि हड्डियों को क्षति ना पहुचें। सूजन और जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी खसखस के बीज उपयोगी साबित होते हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाने में – खसखस में जिंक भी पाया जाता है जिसका लगातार सेवन करने से शरीर की इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ने लगती है क्योंकि जिंक प्रतिरक्षा कोशिकाओं के निर्माण में सहयोग करता है।

किडनी स्टोन दूर करने में – शरीर में अगर विषैले पदार्थ जमा होते रहे तो किडनी स्टोन होने का ख़तरा काफी बढ़ जाता है लेकिन खसखस में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर इन विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकाल देते हैं।

अच्छी नींद दिलाने में – खसखस के बीजों का सेवन करने से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बेहतर होती है जिससे अनिद्रा और थकान की समस्या भी दूर होने लगती है और अच्छी नींद आती है।

मुँह के अल्सर को दूर करने में – शरीर में बहुत अधिक गर्मी होने पर मुँह के अल्सर की समस्या हो जाती है और खसखस के बीज शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं। ऐसे में खसखस के बीजों का सेवन करने पर राहत मिलती है।

आइये, अब खसखस से होने वाले नुकसानों की जानकारी भी लेते हैं–

  • खसखस का ज्यादा सेवन करने पर चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
  • खसखस का ज्यादा सेवन रेस्पिरेटरी सिस्टम और कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।
  • खसखस की चाय का कम मात्रा में सेवन करने पर बेहोशी, मतली, चक्कर, खुजली, कब्ज और यूरिन इन्फेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती है।
  • खसखस की चाय का ज्यादा मात्रा में किया गया सेवन सांस की तकलीफ और हार्ट बीट कम होने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • खसखस की थोड़ी मात्रा का सेवन करने के बाद करवाया गया यूरिन ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आ सकता है।

अब आप जान गए हैं कि खसखस से मिलने वाले फायदे बहुत है और इससे होने वाले नुकसानों के प्रति सचेत रहकर हम इसका सेवन कर सकते हैं।

उम्मीद है जागरूक पर खसखस के फायदे और नुकसान कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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