खेल कूद का महत्व

आइये जानते हैं खेल कूद का महत्व। आज अगर बच्चे जल्दी-जल्दी बीमार होने लगे हैं और उनकी स्टेमिना भी बहुत कम होती जा रही है तो इसका एक कारण बचपन से ही खेलकूद से दूर होना है।

पहले जहाँ बचपन में खेलते-कूदते बच्चे बहुत-सी बातें सीख लिया करते थे वहीं आज घर के एक कोने में बैठकर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में व्यस्त बच्चे अपना बचपन खोते जा रहे हैं। ऐसे में ये जानना बहुत जरुरी है कि आखिर खेलों से हमें क्या मिलता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं खेल कूद के महत्त्व के बारे में।

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खेल कूद का महत्व

खेल अच्छी सेहत देते हैं – बचपन से ही खेलने वाले बच्चे, खेलों से दूर रहने वाले बच्चों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ होते हैं क्योंकि खेलों के दौरान की गयी शारीरिक गतिविधियों से उनका शरीर दुरुस्त रहता है और शरीर की स्टेमिना भी बहुत बढ़ जाती है जिसकी वजह से बच्चे कम बीमार पड़ते हैं और ज्यादा एक्टिव रहते हैं।

खेल अनुशासन सिखाते हैं – खेलों के दौरान बच्चों को अनुशासित रहने की सीख मिलती है क्योंकि ऐसा ना करने पर उनका ध्यान खेल से भंग हो सकता है और खेल की बाजी उनके हाथ से निकल सकती है। खेल के जरिये ही बच्चे टीम वर्क और लीडरशिप के गुर सीखते हैं और इन दोनों ही स्किल्स को विकसित करने के लिए अनुशासन पहली जरुरत होता है। खेलों के दौरान सीखा गया अनुशासन जीवन भर उपयोगी सिद्ध होता है।

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खेल भावना विकसित होती है – खेल के दौरान खेल भावना का विकास होता है जो जीवन के हर क्षेत्र में सहयोगी बनती है। खेल हमें सिखाते हैं कि जीत और हार महत्वपूर्ण नहीं होती है बल्कि ईमानदारी से खेला गया खेल ही अहम होता है।

खेल अच्छे गुणों का विकास करते हैं – खेलों से अच्छे गुणों का विकास होता है। खिलाड़ी में सद्भावना, ईमानदारी, सहयोग और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं। खेलों से ही चरित्र का निर्माण होता है।

ऊर्जा का सदुपयोग होता है – खेलों के जरिये ही युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा मिलती है जो उनके विकास में सहायक बनती है। खेल में संलग्न नहीं रहने वाले युवा अपनी इस ऊर्जा को ग़लत कार्यों में लगाकर अपने भविष्य को संकट में डालते हैं। इससे बेहतर यही होगा कि हर युवा अपने आप को खेल से जोड़कर रखें।

खेल से धैर्य और संयम बढ़ता है – खेलों से खिलाड़ी में ऐसे गुणों का विकास होता है जो आज के समय में बहुत ही कम दिखाई देते हैं यानी खिलाड़ी में धैर्य और संयम विकसित होता है जो उसे जीवन की चुनौतियों का सामना करने और उन पर विजय पाने में मदद करता है। ऐसे में व्यक्ति को असफलता का डर नहीं लगता है और बार-बार असफल होकर भी उसे सफलता का मार्ग दिखाई देता है।

खेल व्यक्तित्व को प्रभावी बनाते हैं – खेलने से ना केवल शरीर सुगठित होता है बल्कि मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और विचारों में भी स्पष्टता आने लगती है। एक खिलाड़ी के लिए सही और ग़लत के बीच अंतर करना और सही दिशा में बढ़ना सामान्य व्यक्ति की तुलना में कहीं ज्यादा आसान होता है।

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अब आप जान गए होंगे कि मोबाइल में खेले जाने वाले गेम्स को खेल नहीं कहा जा सकता क्योंकि वास्तव में खेल तो वही है जो हमें सक्रिय, चुस्त और खुशमिजाज बना सके इसलिए खेल के असली रुप को समझिये और अपनाइये ताकि आपका तन-मन भी फिर से बच्चों की तरह उछल-कूद कर सके।

उम्मीद है जागरूक पर खेल कूद का महत्व कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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