स्वयं को प्रेरित कैसे करें?

दिसम्बर 22, 2017

जीवन में लक्ष्य हम सभी बनाते हैं लेकिन उन लक्ष्यों को कुछ ही लोग प्राप्त कर पाते हैं जबकि अधिकतर लोग अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? इसका कारण होता है प्रेरणा की कमी, एक निश्चित समय तक स्वयं को प्रेरित बनाये रखना आसान है लेकिन अगर लक्ष्य बहुत बड़ा और कठिन हो तो कुछ वक़्त बाद ही प्रेरणा ओझल हो जाती है और हम अपना रास्ता और मंज़िल भी बदल लेते हैं। ऐसे में अगर ये जान लिया जाए कि स्वयं को लम्बे समय तक प्रेरित कैसे रखा जाए तो लक्ष्य को पाना काफी आसान और निश्चित हो सकता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं स्वयं को प्रेरित रखने के तरीके–

डरना छोड़ दें – किसी बड़े लक्ष्य को तय कर लेने के बाद, उससे जुड़े अनगिनत भय हमसे जुड़ जाते हैं जो हमारा ध्यान उन विचारों पर केंद्रित करते हैं जो हमें कदम बढ़ाने से रोकते हैं जबकि हमारा सारा ध्यान उन विचारों पर केंद्रित बना रहना चाहिए जिन्हें हम साकार रूप देना चाहते हैं।

भय की स्थिति बने रहने पर हम नकारात्मकता से भर जाते हैं और लक्ष्य प्राप्ति के लिए कोई भी कदम उठाने से पहले हमें डर लगने लगता है। ऐसे में ये याद रखें कि कोई भी नया निर्णय लेने से पहले सोच-विचार करना अच्छा होता है लेकिन डरकर कदम नहीं बढ़ाना सही विकल्प नहीं हैं इसलिए अब लक्ष्य तय कर लेने के बाद, डर का साथ छोड़ दीजिये।

एक लक्ष्य पर फोकस रखें – फोकस होना किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पहली ज़रूरत होती है। फोकस बना रहे तो बिना भटकाव के आसानी से अपने टारगेट को अचीव किया जा सकता है लेकिन फोकस दूसरी जगहों या चीज़ों पर चला जाए तो भटकना तय है। इससे बचने के लिए अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य रखिये और ये याद रखिये कि आपका किया हुआ हर कार्य उस लक्ष्य की प्राप्ति में उठाया हुआ एक कदम होना चाहिए।

एक ही टारगेट तक सीमित रहेंगे तभी उसकी दिशा में आगे बढ़ सकेंगे और फोकस बनाकर समय रहते वहां तक पहुँच सकेंगे। एकसाथ कई लक्ष्य भेदने के प्रयास में एक भी लक्ष्य तक पहुँच नहीं पाते और भटकना भी निश्चित हो जाता है।

दूसरे लोगों के अनुभवों को पढ़िए-जानिये – जिस लक्ष्य को आप दिन-रात सोचा करते हैं, उससे जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग और लोगों के अनुभव पढ़ने से भी आप प्रेरित महसूस करेंगे क्योंकि दूसरे लोगों की सफलता देखकर आप महसूस करेंगे कि ये कार्य नामुमकिन नहीं है और जब दुनिया में दूसरे लोग इस लक्ष्य को पा सकते हैं तो आप भी ऐसा कर पाएंगे। ये भावना आपको स्व-प्रेरणा से भर देगी।

स्वयं को पुरस्कृत करिये – अगर आप सोचते हैं कि अपने साथ ज़्यादा कठोर व्यवहार करके आप लक्ष्य पा सकते हैं तो ये सच नहीं हैं। स्वयं को अनुशासित रखना अलग बात है और प्रेरित करना अलग बात है। अगर आप स्वयं को प्रेरित करना चाहते हैं तो हर छोटी उपलब्धि पर स्वयं की प्रशंसा करिये और पुरस्कार दीजिये।

ऐसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर ही बड़ी सफलता बनाते हैं इसलिए इन छोटे-छोटे काम पूरे करने पर खुद को इनाम ज़रूर दीजिये। ऐसा करके आप खुद पर यकीन बढ़ा देंगे और आगे आने वाले कार्यों में, और भी अधिक मेहनत और प्रयास लगा देंगे क्योंकि इनाम मिलने से आप बहुत अधिक प्रेरित महसूस कर रहे होंगे।

गिलास को आधा भरा हुआ देखिये, ना कि आधा खाली – आपका नजरिया आपके व्यक्तित्व को बहुत अधिक प्रभावित करता है और अगर आप निगेटिव सोच से घिरे रहते हैं तो स्वयं को प्रेरित करना आसान नहीं होता। ऐसे में आप अपने आसपास की बेहतरीन चीज़ों को देखकर खुश होना चाहेंगे या उन चीज़ों के लिए अफ़सोस जताएंगे जो आपके पास नहीं है, ये पूरी तरह आपके नज़रिये पर निर्भर करता है। आप जब चाहे अपना नजरिया बदल सकते हैं।

इसके लिए आपके जीवन की ऐसी 10 बेहतरीन चीज़ों की लिस्ट बनाइये जो आपको ख़ुशी देती हो और जिनके लिए आप शुक्रगुज़ार हैं। इस लिस्ट को रोज़ पढ़िए और महसूस करिये कि आपके पास सबकुछ अच्छा ही है। ऐसा करने से आपके विचार भी पॉजिटिव होने शुरू हो जायेंगे और आगे कुछ नया और बेहतर करने में, आप बोझिल महसूस करने की बजाए उत्साह और आत्मविश्वास महसूस करेंगे।

अपने प्लान में बदलाव के लिए तैयार रहिये – अक्सर कुछ समस्याएं आ जाने पर हम अपना प्लान बदलने की बजाए, अपना लक्ष्य ही बदल लेते हैं और भटकाव की स्थिति में आ जाते हैं क्योंकि अपने तय किये गए प्लान में कमी आने पर या गलतियां होने पर हम प्रेरणा की कमी महसूस करते हैं जिसके चलते अपना रास्ता बदल लेते हैं। इसकी बजाये अपने प्लान में होने वाले बदलावों को खुले दिल से स्वीकारना चाहिए और उन बदलावों पर अमल करते हुए लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

ऐसे मित्र बनाये जो आपको प्रेरित कर सके – स्व-प्रेरणा के साथ-साथ कई बार बाहरी दुनिया से प्रेरणा लेने की ज़रूरत भी पड़ती है। जब आप काफी परेशान या विफल हो रहे होते हैं तब ऐसे दोस्तों की ज़रूरत महसूस होती है जो आपको सराहते हो, आपको आगे बढ़ने में मदद करते हों और आपको प्रेरणा से भर देते हों इसलिए अपने आसपास ऐसे मित्र ज़रूर रखें जो आप जैसी सोच रखते हों और आपकी प्रेरणा के स्रोत हों।

स्वयं को प्रेरित रखना बेहद आसान कार्य है क्योंकि आप अपने बारे में सब कुछ पहले से ही जानते हैं। अपनी खूबियों और खामियों से परिचित होने के बाद ही आप कोई लक्ष्य तय करते हैं। ऐसे में मार्ग में आने वाले उतार चढ़ाव से घबराइए मत, स्वयं के पक्के दोस्त बनिए और हर हालात में खुद को सँभालते हुए,सम्बल देते हुए आगे बढ़ते जाइये और अगर आप खुद की प्रेरणा बन सकें तो खुद को देने के लिए इससे बेहतर उपहार और क्या हो सकता है इसलिए स्वयं में प्रेरित बने रहिये।

हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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