आइये जानते हैं किडनी ट्रांसप्लांट क्या है। किडनी से जुड़ी परेशानियों के चलते किडनी ट्रांसप्लांट के मामले भी काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में ये जानना बेहतर होगा कि किडनी ट्रांसप्लांट क्या होता है।

किडनी ट्रांसप्लांट क्या है? 1

किडनी ट्रांसप्लांट क्या है?

किडनी ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रोसेस है जो किडनी फेलियर के इलाज से सम्बंधित है। किडनी हमारे शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य करती है। ये ब्लड से वेस्ट मैटीरियल को फ़िल्टर करती है जिसे यूरिन के साथ शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।

किडनी हमारे शरीर के द्रव और इलेक्ट्रॉलाइट बैलेंस को बनाये रखने में भी मदद करती है। किडनी अगर सही तरीके से अपना काम ना करे तो शरीर में वेस्ट प्रोडक्ट बढ़ जाता है जिससे शरीर अस्वस्थ हो जाता है।

किडनी ट्रांसप्लांट करवाना उन मरीजों के लिए जरुरी हो जाता है जिनकी किडनी पूरी तरह से काम करना बंद कर चुकी हो। इस स्थिति को End Stage Renal Disease (ESRD) कहा जाता है।

किडनी ट्रांसप्लांट करवाकर डायलिसिस मशीन पर जिंदगीभर निर्भर रहने वाली स्थिति से छुटकारा मिल सकता है और ज्यादा सक्रिय होकर जीवनयापन करना आसान हो सकता है।

किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान, डोनेट की हुयी किडनी सर्जन द्वारा मरीज के लगा दी जाती है। मरीज की अगर दोनों किडनी ख़राब हो चुकी हो तो सामान्य तौर पर उसे एक ही किडनी उपलब्ध कराई जा सकती है क्योंकि व्यक्ति द्वारा एक किडनी के आधार पर भी जीवनयापन संभव हो जाता है।

विशेष परिस्थितियों में किसी डेड डोनर की दोनों किडनी उस मरीज को लगायी जा सकती है। फेल हो चुकी किडनी को सामान्यतया उनके स्थान पर ही छोड़ दिया जाता है और नई किडनी को पेट के निचले हिस्से में आगे की तरफ लगा दिया जाता है।

डोनेट की गयी किडनी अगर परिवार के सदस्यों में से किसी की हो, तो ये तुरंत ही अपना काम करना शुरू कर देती है वरना इस प्रक्रिया के शुरू होने में ज्यादा समय लग सकता है।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज के खानपान और आराम से जुड़ी हर बात का ध्यान रखा जाता है और डॉक्टर से मिले निर्देशों पर चलकर किडनी ट्रांसप्लांट को सफल बनाना कुछ हद तक मरीज के हाथ में भी होता है क्योंकि सही तरह से देखभाल करने पर रिकवरी में 6 महीने तक का समय लग सकता है।

किडनी ट्रांसप्लांट करवाना एक बड़ी सर्जरी से गुजरना होता है इसलिए डॉक्टर द्वारा ये जानकारी भी ली जाती है कि मरीज किसी और गंभीर बीमारी से ग्रस्त तो नहीं हैं।

ऐसे मरीज किडनी ट्रांसप्लांट नहीं करवा सकते, जो-

  • बुजुर्ग हों
  • हार्ट पेशेंट हों
  • कैंसर से ग्रस्त हों या कभी रहे हों
  • मानसिक रूप से बीमार हों
  • डिमेंशिया से ग्रस्त हों
  • धूम्रपान या शराब का सेवन करते हों
  • लीवर से जुड़ी बीमारी से ग्रस्त हों
  • टीबी जैसी बीमारी से ग्रसित हों

उम्मीद है जागरूक पर किडनी ट्रांसप्लांट क्या है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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