भारत के रॉ एजेंट किस प्रकार कार्य करते हैं?

आपने ने जासूसी पर आधारित जेम्स बॉन्ड की कई फिल्में देखी होंगी और जब भी भारतीय प्रक्षेप में इसकी बात की जाती है तो हमारे दिमाग में जिस एजेंसी का ख्याल आता है वह है रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW), यह भारत की उच्चकोटि इंटेलिजेंस एजेंसी है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि रॉ एजेंट किस प्रकार काम करते हैं। तो चलिए विस्तारपूर्वक जानते हैं कि यह एजेंसी किस प्रकार काम करती है और उनकी दिनचर्या क्या होती है।

आपको बता दें कि रॉ एजेंट देश विदेशों में भारत के लिए इंटेलिजेंस जुटाते हैं। यह कई प्रकार की विदेशी भाषाएं भलीभांति बोल सकते हैं। इस पेशे में व्यक्ति को काफी जांच पड़ताल करनी होती है और कई बैठकों में भी शामिल होना पड़ता है। इन लोगों को कई सीक्रेट और खतरनाक ऑपरेशन पर भेजा जाता है। जिस के बारे में कुछ ही लोगों को पता होता है तो सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत ही खतरनाक मिशन होते हैं। इन सभी मिशनों की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

एक रॉ एजेंट बनने के लिए कई वर्षों की ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इन सभी एजेंट्स को पहले बुनियादी प्रशिक्षण और फिर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है। बुनियादी प्रशिक्षण में लगभग 10 दिन की ट्रेनिंग होती है। जिसमें जासूसी की असली दुनिया से इन लोगों का परिचय करवाया जाता है। उन्हें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, सूचना सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, वैज्ञानिक ज्ञान, वित्तीय आर्थिक और सामरिक विश्लेषण जैसे कई विषयों पर जानकारी प्रदान की जाती है।

इतना ही नहीं इन्हें दूसरे देशों की सुरक्षा एजेंसियां जैसे सीआईए, आई एस आई, एम आई 6 जैसी एजेंसियों के बारे में भी अध्ययन करवाया जाता है। बेसिक ट्रेनिंग के बाद सभी एजेंट्स को इंटेलिजेंस ब्यूरो भेजा जाता है जहां पर 1 से 2 वर्षों तक ठंडे क्षेत्रों और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों ऑपरेशन संचालित करने के सिखाए जाते हैं। इसके बाद मिशन संचालित करने की कला सिखाई जाती है और बेसिक ट्रेनिंग कैंप भेज दिया जाता है।

रॉ एजेंट बनने के लिए क्या-क्या विशेषताएं होनी चाहिए – आपका बातचीत का तरीका शानदार होना चाहिए। इसके अलावा किसी भी दबाव वाली स्थिति में उच्चतम आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से कार्यरत करने वाला व्यक्ति ही रॉ एजेंट बन सकता है। निष्ठा और देश के प्रति वफादारी सबसे महत्वपूर्ण है।

रॉ एजेंट बनने के लिए पात्रता-

  • वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • कोई भी अपराधिक मामला उस व्यक्ति के खिलाफ नहीं होना चाहिए।
  • नशीली दवाओं का आदि नहीं होना चाहिए।
  • किसी भी प्रतिष्ठित विद्यालय से शिक्षा प्राप्त होनी चाहिए।
  • कम से कम एक विदेशी भाषा पर उसकी प्रकार पकड़ होनी चाहिए।
  • हमारे देश के किसी भी हिस्से में यात्रा करने के लिए तैयार होना चाहिए।

रॉ एजेंट और उनका वेतन – आपको बता दें कि प्रारंभिक वर्षों में RAW का मुख्य रूप से कार्य खुफिया अधिकारियों पर निर्भर था जिसमें सीधी भर्ती की जाती थी। इन सभी एजेंट्स का संबंध इंटेलिजेंस ब्यूरो के बाहरी रिंग से होता था। इसके बाद इस संस्था का विस्तार किया गया और उसमें पुलिस और भारतीय राजस्व सेवा के सभी उम्मीदवारों की भर्ती की जाती है। यह कोई स्थाई नौकरी नहीं है लेकिन फिर भी इसमें प्रति माह 0.8 से 1.3 लाख रूपए की तनख्वाह मिलती है।

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