ऑफिस में अनावश्यक मीटिंग कैसे है समय की बर्बादी जानिए

अक्सर हम ऑफिस में देखते है की मीटिंग्स की वजह से कार्य बहुत बाधित होता है। अनावश्यक मीटिंग से समय की भी बहुत बर्बादी होती है। एक सर्वे में यह पाया गया की अगर मीटिंग्स को 50% तक कम किया जाये तो समय को आसानी से बचाया जा सकता है। तो चलिए अब जानते है की इसे कैसे किया जाये।

1. कई बार यह देखा गया है की ऑफिस में लोग मीटिंग में घंटों समय बर्बाद करते है जिसका कोई भी फल नहीं निकलता। इसीलिए जब भी आपको ऐसा महसूस हो की मीटिंग की जरूरत है तो पहले यह निर्णय करें की इसमें कितने लोगों की आवश्यकता है और अपने सारे चर्चा के विषयों को नोट कर लें और उन्ही पर बात करें ।

2. मीटिंग करते समय सिर्फ उसी विषय पर ही बात करें अन्य विषयों पर नहीं। मीटिंग ऑफ़ मिनट्स पहले ही तय कर लें। इससे आप अपने समय को व्यवस्थित कर पाएंगे। अगर आप अपनी पूरे हफ्ते की मीटिंग्स को पहले से ही शेड्यूल कर ले तो यह ज़्यादा बेहतर होगा।

3. जितना हो सके मीटिंग्स से बचें क्योँकि ये समय और आपकी मानसिक ऊर्जा दोनों को खत्म करती है। अगर आप मीटिंग की बजाय ईमेल या चैट जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करते है तो आपको समय में काफी बचत महसूस होगी।

4. मीटिंग को कभी भी चलन न बनाए क्योँकि इससे आप इसकी प्राथमिकता को खो देंगे और लगातार मीटिंग करने से उसमे हिस्सा लेने वाले लोगों के पास भी कोई नया आईडिया नहीं आएगा और आप उन लोगों की कार्यशीलता का भी हनन करेंगे।

5. हर बार मीटिंग के बाद इस बात का अंदाज़ा जरूर लगाएं की आपने मीटिंग से क्या हासिल किया। यह मीटिंग कितनी प्रोडक्टिव रही। अपने ऑफिस में सहकर्मियों के साथ इतना व्यवहारिक रहे की मीटिंग करने की नौबत ही ना आये।

ऐसा करके ना आप अपना समय बचाएंगे जबकि आप अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में भी इस्तेमाल कर सकते है।

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